सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शिवाजीनगर स्थित कालेज में अंकपत्र मांगने पर जमकर बवाल हुआ। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्ष से पांच लोगों को हिरासत में ले लिया, लेकिन बाद में आपसी समझौता होने पर उन्हें छोड़ दिया गया।
गांव आसकरनपुरवा निवासी कक्षा 11 की छात्रा का आरोप है कि वह अंकपत्र लेने गई तो कालेज स्टाफ ने पैसे मांगे। इस पर उसके पिता विद्यालय पहुंचे और कालेज संचालक के साथ उनकी कहासुनी हुई। इस पर वह वहां से निकल आई। घर जाते वक्त रास्ते में कालेज संचालक के दूसरे स्कूल माया देवी इंटर कालेज के गेट के पास कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया।
कालेज संचालक वीरू पाल व शिवाजी राव एवं उनके साथ मौजूद दर्जनभर लोगों ने उसके पिता को पकड लिया और
घसीटते हुए कालेज के अंदर ले गए। गेट बंद करने के बाद उसे एवं उसके पिता को पीटा। इसकी सूचना उसने मोबाइल से अपने भाई को दी तो वह लोग भी वहां पहुंच गए। कालेज में मारपीट की सूचना पर सदर कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक राधेश्याम यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
झगड़ रहे एक पक्ष से वीरू पाल, शिवाजी राव व दूसरे पक्ष के प्रताप यादव, राजा यादव, गोपाल यादव को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई। यहां कई घंटे तक दोनों पक्षों के बीच चली पंचायत के बाद पुलिस ने लिखित में समझौता कराया। एसएसआई राधेश्याम ने बताया कि समझौते के बाद पांच को छोड़ दिया गया।
बकाया फीस मांगी तो किया बवाल-प्रधानाचार्य
माया देवी इंटरकालेज के प्रधानाचार्य योगेंद्र पाल ने बताया कि मनोकामना विद्यालय उनके भाई का है। आसकरनपुरवा निवासी छात्रा की पिछले वर्ष की 1500 रुपये फीस बकाया थी। फीस नहीं देने की वजह से मार्कसीट रोक ली थी। छात्रा के पिता प्रताप यादव ने विद्यालय में अभद्रता की। लौटते समय मायादेवी इंटर कालेज के बाहर पहुंचे तो वहां भी गालीागलौज करने लगे। बाद में गांव के लोगों को बुला लिया। नकल कराने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप गलत है।