फोटो :51: आलू की माला पहन कर प्रदर्शन करते किसान। संवाद
छिबरामऊ। आलू के गिरते भाव और लागत न निकलने से बेहाल किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखने लगा है। क्षेत्र के कमालपुर गांव में किसानों ने गले में आलू की माला पहनकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया।
किसानों ने आरोप लगाया कि मौजूदा बाजार भाव में लागत तक निकलना नामुमकिन हो गया है, जिससे वे दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारी पूर्व सपा विधानसभा क्षेत्र प्रभारी अच्छे खां का कहना है कि किसानों का कहना है कि मंडी में आलू के दाम औंधे मुंह गिरे हुए हैं। खाद, बीज, कीटनाशक और ढुलाई का खर्च जोड़कर लागत बहुत अधिक आ रही है, जबकि बाजार में मिल रहे दाम से लागत भी वसूल नहीं हो पा रही है। वहीं दूसरी ओर, कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालने का दबाव लगातार बढ़ रहा है। भाड़ा चुकाने और निकासी के संकट ने किसानों के सामने गंभीर आर्थिक तंगी खड़ी कर दी है।
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किसानों की मुख्य समस्याएं और मांगें
- किसान अनिल शाक्य ने बताया कि बाजार भाव में भारी गिरावट के कारण किसानों की मेहनत और पूंजी दोनों डूबने की कगार पर हैं।
- किसान रामनिवास शाक्य ने बताया कि कोल्ड स्टोर स्टोर से निकासी की मियाद नजदीक आने और भाड़े की चिंता से किसान मानसिक तनाव में हैं।
- किसान मगन्ने खां ने बताया कि सरकार से आलू की फसल का न्यूनतम समर्थन और उचित मूल्य तय करने की मांग की है, ताकि उन्हें भारी नुकसान से बचाया जा सके।