कन्नौज। बीमा कंपनियों ने किसानों से फसल की सुरक्षा के लिए तो करोड़ों की रकम ले ली, लेकिन मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरा ही साबित हुआ। 54 हजार किसानों ने अपनी-अपनी फसल का बीमा कराया। उसमें सिर्फ 335 किसानों को ही मुआवजा मिला। 450 और किसानों को मुआवजा मिलना है। बाकी किसानों की बीमा की रकम बीमा कंपनी की जेब में चली गई।
जिले में वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान खरीफ फसल के लिए 24678 किसानों ने अपनी-अपनी फसल का बीमा कराया था। इसमें 239 वह किसान भी शामिल हैं, जिनका केसीसी नहीं बना है। कुल 11399 हेक्टेयर में उगी फसल का बीमा कराया गया। रबी की फसल के लिए 29319 किसानों ने भी बीमा कराया था। खरीफ फसल के लिए बीमा के लिए किसानों ने 1.11 करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा किया था। रबी की फसल के लिए किसानों ने ढाई करोड़ का प्रीमियम अदा किया था। उसके सापेक्ष खरीफ की फसल के लिए 335 किसानों को 5,47,996 रुपये का भुगतान किया गया। हालांकि रबी सीजन में 450 किसानों ने गेहूं की फसल खराब होने पर अभी भुगतान नहीं हो सका है। इस वर्ष बीमा एजेंसी भी बदल दी गई है। वह अब इस वित्तीय वर्ष की फसलों का बीमा कर रही है।
तकनीकी वजहों से फंसा 450 किसानों का मुआवजा
जिला कृषि अधिकारी आवेष सिंह के मुताबिक इस वर्ष बीमा की एजेंसी बदल गई है। पिछले वर्ष की एजेंसी और बैंक में हुई तकनीकी समस्या की वजह कर रबी सीजन की फसल के 450 किसानों का भुगतान नहीं हो सका है। भुगतान करवाने की प्रक्रिया की जा रही है। जल्द ही भुगतान करवा दिया जाएगा। अगर किसी किसान की ओर से नुकसान के बावजूद बीमा की रकम मिलने की जानकारी मिलती है तो उसका समाधान कराया जाएगा।