पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों द्वारा उपलब्ध कराई जा
रही अवैध शराब लोगों के लिए जान की दुश्मन बनी हुई है। गुरुवार की दोपहर
ग्राम अटिया में किसी प्रत्याशी द्वारा उपलब्ध कराई गई जहरीली शराब ने गांव
के एक किसान की जान ले ली।
एक तरफ भले ही पुलिस अवैध शराब के खिलाफ
व्यापक तौर पर अभियान चला रही हो, पर दूसरी तरफ अभी भी प्रत्याशियों को
कहीं न कहीं से भारी मात्रा में शराब उपलब्ध हो रही है। उसी का कारण है कि
जनसंपर्क के दौरान प्रत्याशियों द्वारा अपने समर्थकों को पिलाई जाने वाली
शराब पीकर लोग पूरे दिन नशे में झूमते नजर आ सकते हैं।
इसकी बानगी क्षेत्र
के ग्राम पंचायत हाथिन के ग्राम अटिया में देखने को मिली। अवैध देसी शराब
के अधिक सेवन से गांव के किशनलाल (55) पुत्र मेवाराम की मौत हो गई। उनके
पुत्र श्याम सिंह ने बताया कि जब से पंचायत चुनाव शुरू हुए हैं। तभी से
उनके पिता को कोई न कोई शराब उपलब्ध करा देता था। वह और दिनों की अपेक्षा
इस समय काफी मात्रा में शराब पी रहे थे।
दोपहर करीब तीन बजे उनके
पड़ोसी ने उन्हें आकर बताया कि उनके पिता गांव के बाहर खेत में बनी झोपड़ी
में मृत पड़े हैं। वह तत्काल मौके पर पहुंचे। पिता को मृत देख सूचना
परिजनों को दी। कुछ ही देर में वहां काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट
गई। सपा विस क्षेत्र अध्यक्ष पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामप्रकाश शाक्य,
सपा जिला सचिव अशोक चौहान आदि गांव पहुंचे।
उन लोगों ने भी रोष व्यक्त करते
हुए कहा कि प्रशासन की सख्ती के बावजूद गांव में प्रत्याशियों द्वारा
धड़ल्ले से जहरीली शराब मुहैया कराई जा रही है। जिसके सेवन से लोगों की जान
पर बन आई है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस ओर विशेष रूप से ध्यान देने और
लोगों को शराब मुहैया कराने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की
मांग की है।