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छात्र संख्या कम मिलने पर 18 शिक्षकों से स्पष्टीकरण

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प्राथमिक विद्यालय अहमदपुर रौनी में छात्रों व शिक्षकों से पूछताछ करते बीएसए केके ओझा। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। बीएसए केके ओझा ने छह विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। गंदगी व शैक्षिक गुणवत्ता खराब मिलने पर 18 शिक्षकों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। चार शिक्षकों का लापरवाही में वेतन रोका गया है। तीन शिक्षामित्रों व तीन अनुदेशकों से स्पष्टीकरण मांगा गया। इन्हें एक सप्ताह के अंदर बीईओ के माध्यम से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने केे निर्देश दिए गए हैं।
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प्राथमिक विद्यालय अहमदपुर के निरीक्षण में शैक्षिक गुणवत्ता खराब मिली। पंजीकृत 162 छात्रों में 52 उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापक रवी कुमार का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया। स्कूल परिसर व रसोई घर में गंदगी मिली। सहायक अध्यापक शगुफ्ता परवीन, अजय त्रिपाठी से स्पष्टीकरण मांगा गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय मलिकापुर में पंजीकृत 189 छात्रों में 59 उपस्थित मिले। विद्यालय में एक वर्ष से रंगाई-पुताई नहीं कराई गई थी। शैक्षिक गुणवत्ता खराब मिली।
प्रधानाध्यापक मोहम्मद मुख्तयार, सहायक रमाकांती, रजनी तिवारी, निधी त्रिवेदी, आनंद कुमार व तीन अनुदेशकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्राथमिक विद्यालय मलिकापुर में सहायक अध्यापक रजनी सागर बिना अवकाश प्रार्थनापत्र के गैरहाजिर थीं। इनके वेतन पर रोक लगा दी गई। पंजीकृत 122 में से 68 छात्राएं-छात्र उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापक उमाशंकर कुशवाहा, शिक्षामित्र नीती चतुर्वेदी, विनय कुमार, कुलदीप से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उच्च प्राथमिक विद्यालय महचंदापुर में 70 पंजीकृत छात्रों में से 34 उपस्थित मिले। छात्रों से गणित व विज्ञान के सवाल पूछे गए। वह जवाब नहीं दे सके। इंचार्ज प्रधानाध्यापक इंतजार अहमद, राधा पांडेय से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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सहायक अध्यापक राजेश कुमार से स्पष्टीकरण तलब करने के साथ ही वेतन पर रोक लगा दी गई। प्राथमिक विद्यालय महचंदापुर में पंजीकृत 130 छात्रों में 75 उपस्थित थे। प्रधानाध्यापक उपेंद्र कुमार, सहायक दुर्गेश मिश्रा, नीतिका पाल से स्पष्टीकरण मांगा गया। प्राथमिक विद्यालय ऋतुकाला द्वितीय में 63 छात्रों में से 26 उपस्थित मिले। बच्चों को दिए जाने वाले दूध की मात्रा कम मिली। डीपीआरओ के माध्यम से प्रधान को नोटिस भेजने की संस्तुति की गई। विद्यालय में साफ-सफाई व शैक्षिक गुणवत्ता खराब होने पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक गुलशाना आरा व तवस्सुम बानो से स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रधानाध्यापक के वेतन पर रोक लगा दी गई।
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