पालिथीन पर प्रतिबंध लगने के एक माह बाद भी प्रयोग
पूरी तरह से बंद नहीं हो सका है। एक ओर जहां विक्रेता चोरी छिपे पालिथीन
में सामग्री पैक करके दे रहे हैं, वहीं खरीदार भी खुलेआम पालिथीन लेकर
आते-जाते नजर आ रहे हैं। इससे प्रतिबंध का मखौल उड़ रहा, पर प्रशासनिक
तंत्र को कोई परवाह नहीं है।
कभी अफसरों के दौरे तो कभी सरकारी कामकाज की
व्यस्तता में उलझे अधिकारी भी पालिथीन का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों व
ग्राहकों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं। इस
वजह से प्रदूषण फैलने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। हालांकि, पहले की तुलना
में करीब 60 फीसदी तक पालिथीन के इस्तेमाल में कमी आई है।
रविवार को शहर के
सबसे व्यस्त माने जाने वाले मोहल्ला लाखन चौराहा में जायजा लिया गया तो
पालिथीन टांगे लोग सामान लेकर गुजरते दिखे। सब्जी विक्रेताओं, फलों की
ठेलियों, खोमचों और परचून की दुकानों पर लाइन लगाए ग्राहकों में कुछ लोग
झोला लिए थे तो कुछ पालिथीन में सामान रखवा रहे थे।
मुख्य चौराहे पर पुलिस
की पिकेट लगी हुई थी, जिसके ठीक सामने से युवतियां, महिलाएं व युवक पालिथीन
में भरी सामग्री लेकर हाथों में चलते आते-जाते रहे। उन्हें किसी ने
रोकने-टोकने की जहमत नहीं उठाई। इसके अलावा नगर पालिका के निकट मिठाई वाली
गली, चूड़ी वाली गली की दुकानों पर भी पालिथीन का प्रयोग
धड़ल्ले से होता दिखता है।
बड़ा बाजार, मकरंदनगर, फर्श रोड के अलावा
मानीमऊ, ठठिया, तिर्वा, गुरसहायगंज, तालग्राम में कपड़े की दुकानों पर झोले
का प्रयोग करने का चलन के साथ ही अभी भी पालिथीन का भी उपयोग हो रहा है।
कुछ जागरूक महिलाएं और लोग जहां झोला लेकर जाने लगे हैं, वहीं कई महिलाएं
और पुरुष बगैर झोले के पहुंचने पर पालिथीन मांगते हैं।
इस पर दुकानदार
इधर-उधर छिपाकर रखी गई पालिथीन निकालकर ग्राहक को कपड़े पैक कर थमा देते
हैं। कलक्ट्रेट, विकास भवन, तिर्वा क्रासिंग से लेकर रोडवेज बस स्टैंड होते
हुए अंधा मोड़, रेलवे रोड तिराहे के निकट दुकानों पर भी पालिथीन का चोरी
छुपे प्रयोग हो रहा है।
उधर, पालिथीन के प्रतिबंध को रोकने के लिए थाना,
तहसील, ब्लाक स्तर पर टीमें गठित की गई थीं। इसमें एसडीएम, तहसीलदार व
थानेदारों को जिम्मेदारी दी गई थी। नगर पंचायत पालिका व नगर पंचायत में ईओ व
कसबों में नायब तहसीलदार भी लगाए गए थे।
मानीमऊ, अमोलर, तिर्वा, शहर
समेत कई क्षेत्रों में अभियान के नाम पर चेकिंग चली, पर अब तक अभी तक न तो
कोई पकड़ा गया न ही किसी पर जुर्माना लगा है। मुकदमा भी किसी के खिलाफ नहीं
लिखाया गया। ज्ञात हो कि प्रदेश की सपा सरकार ने 21 जनवरी 16 को प्रदेश
में पालिथीन के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाते हुए अफसरों को
प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने का फरमान जारी किया था।
सरकार के प्रतिबंध
लगाने के एकाध दिन तक तो अधिकारियों ने अभियान चलाकर लोगों पर नकेल कसने की
कवायद की, पर इसके बाद इस प्रतिबंध की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया और लोग
अभी भी बेधड़क पालिथीन का प्रयोग करते नजर आ रहे हैं।