कन्नौज। जिले में खरीफ अभियान-2025 के अंतर्गत उर्वरकों की कालाबाजारी, ओवररेटिंग और यूरिया के साथ अन्य उत्पादों की जबरदस्ती टैगिंग करने के आरोप में अब तक 167 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। इन दुकानों पर यूरिया की उपलब्धता नहीं थी। कृषि अधिकारी का कहना है कि यूरिया की आपूर्ति रैक से सीधे सुनिश्चित कराई जाए।
जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता ने बताया कि छह सहकारी समितियां और 161 निजी उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कहा कि दुकानों में खरीफ के सीजन में यूरिया की क्षमता बिल्कुल जीरो है। किसानों ने कालाबाजारी, ओवररेटिंग और यूरिया के साथ अन्य उत्पादों की जबरदस्ती टैंगिग किए जाने के आरोप लगाया है। जिस पर विभाग ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 167 दुकानों पर यूरिया खाद न होने पर इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
उन्होंने बताया कि जिन समितियों पर यूरिया की उपलब्धता शून्य है, वहां तत्काल उपलब्ध कराया जाए। कहा कि जिन समितियों पर स्टॉक एक-दो दिन में समाप्त होने वाला है, वहां भी यूरिया की आपूर्ति रैक से सीधे सुनिश्चित कराएं। किसानों को डीएपी के स्थान पर एनपीके उर्वरक के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित करने के लिए निर्देशित किया। नैनो यूरिया व नैनो डीएपी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सहकारिता विभाग के साथ ही कृषि विभाग को जिम्मेदारी सौंपी।