कन्नौज/तिर्वा। इंजीनियरिंग कॉलेज के हाॅस्टल के कमरे में छात्र का शव गमछे के फंदे से लटका मिला। छात्र के दोस्तों ने उसे लटका देखा और दरवाजा तोड़कर उसे फंदे से उतारा और मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
तिर्वा के अहेर गांव में राजकीय इंजीनियरिग कॉलेज संचालित है। कॉलेज में हरदोई जिले के मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के भवनखेड़ा निवासी लालबहादुर का बेटा अश्वनी कुमार उर्फ पियूष (25) बीटेक कंप्यूटर साइंस फाइनल इयर का छात्र था। वह कॉलेज के हाॅस्टल में रहता था। रोजाना ढाई बजे से कक्षा होती थी।
बुधवार को करीब डेढ़ बजे कक्षा में जाने के लिए उसके दोस्त कमरे पर पहुंचे तो दरवाजा बंद था। दरवाजा बंद होने पर दोस्तों ने कक्षा में चलने के लिए बुलाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। एक छात्र ने कमरे की खिड़की से अंदर देखा तो उसके होश उड़ गए। उसने शोर मचाया और छात्रों ने दरवाजा तोड़कर अश्वनी को फंदे से नीचे उतारा।
कॉलेज प्रशासन के साथ छात्र के दोस्त उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां पर डाॅक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पर पुलिस ने हाॅस्टल के कमरे की गहनता से जांच की। कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है।
दो दिन पहले सॉफ्टवेयर कंपनी में मिली थी नौकरी
कॉलेज की डायरेक्टर रचना अस्थाना ने बताया कि तीन दिन पहले ही छात्र का एक सॉफ्टवेयर कंपनी में एचआर के पद पर चयन हुआ था और सालाना करीब पांच लाख रुपये का पैकेज था। छात्र बहुत होशियार था।कभी कोई शिकायत नहीं मिलती थी। अचानक क्या हुआ कि छात्र ने इतना बड़ा कदम उठाया, इसकी जानकारी नहीं है।
मोबाइल से खुलेगा छात्र की मौत का राज
हर छात्र का सपना होता है कि पढ़ाई पूरी होते ही नौकरी मिल जाए, जो अश्वनी का पूरा हो गया था। सपना पूरा होने के बाद छात्र के अचानक से जान देने से हर कोई आश्चर्य चकित है। कोई भी घटना का कारण नहीं बता पा रहा है। छात्र के मोबाइल से ही उसकी मौत का राज खुलेगा। पुलिस छात्र के मोबाइल की भी जांच करने की बात कह रही है।