तिर्वा(कन्नौज)। एनएमसी बिल लोकसभा में पास होने से आक्रोशित डॉक्टरों ने मेडिकल कालेज में विरोध प्रदर्शन किया। ओपीडी बंद कर चिकित्सकों ने हंगामा किया। स्वास्थ्य मंत्री की फोटो व पोस्टर जलाए। हंगामे और प्रदर्शन के चलते मरीजों का हाल बेहाल रहा।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) बिल के विरोध की चिंगारी कन्नौज मेडिकल कालेज तक आ पहुंची। गुरुवार को जैसे ही ओपीडी शुरू हुई, डॉक्टरों ने मरीजों को देखना बंद कर दिया। डॉक्टरों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने ओपीडी से मेडिकल कालेज गेट तक जुलूस निकाला। मुख्य गेट पर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री की फोटो, पोस्टरों को आग के हवाले कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि सरकार ने जो बिल पास किया है, उससे काफी दिक्कतें आएंगी। अब कोई भी झोलाछाप छह माह का प्रशिक्षण लेकर डिग्री ले सकता है। डॉक्टरों को एमबीबीएस करने के बाद टेस्ट देना पडे़गा। यह अभी तक प्रदेश में लागू नहीं था। यह विदेशों में लागू है।
अगर कोई एमबीबीएस छात्र एग्जिट परीक्षा नहीं दे पाया तो उसके पास डॉक्टर बनने का दूसरा विकल्प नहीं रहेगा। इस बिल के लागू होने पर जो एमबीबीएस कर डॉक्टर नहीं बन रहे थे, वह डॉक्टर बन जाएंगे। डॉक्टरों ने बताया कि पीजी नेट परीक्षा समाप्त की जा रही है। डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन से मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई मरीज बगैर दवा लिए लौट गए। वहीं कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. डीएस मार्तोलिया ने बताया कि डॉक्टरों ने प्रदर्शन के बाद ओपीडी की है। मरीजों को दवाइयां भी लिखी गईं।