कन्नौज। जीटी रोड चौड़ीकरण में पड़ने वाले बिजली के पोल व लाइन को हटाने के लिए बिजली विभाग ने 18 करोड़ रुपये का एस्टीमेट राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को भेजा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण खुद लाइन सिफ्टिंग का कार्य कराता है तो पांच फीसदी सुपरविजन चार्ज बिजली विभाग के पास जमा करना होगा। साथ ही जीएसटी की धनराशि भी जमा करनी होगी।
अलीगढ़-कानपुर सेक्टर के अंतर्गत जनपद सीमा प्रेमपुर से गांगूपुर तक करीब 60 किलोमीटर दूरी में आने वाले बिजली के पोल व लाइन सिफ्टिंग का काम किया जाना है। जीटी रोड चौड़ीकरण में इस दूरी में दो हजार बिजली के पोल व अंडरग्राउंड केबल आ रही हैं। इनको हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट करने का कार्य किया जाएगा। बिजली विभाग ने पूर्व में एस्टीमेट भेजा था पर चौड़ीकरण का कार्य शुरू न होने से बिजली विभाग से मांगी गई धनराशि नहीं दी जा सकी थी। समय बीत जाने के बाद अब दोबारा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बिजली विभाग को पत्र भेजकर एस्टीमेट मांगा।
अधीक्षण अभियंता को भेजे गए पत्र में 25 नवंबर को स्टीमेट तैयार कर भेजा गया था। नए एस्टीमेट में करीब 200 बिजली के पोल और लगाए जा चुके हैं। एक्सईएन कार्यालय छिबरामऊ ने 115941264.00 करोड़ रुपये का स्टीमेट तैयार कर सौंपा है। एक्सईएन कार्यालय कन्नौज ने 68160780.00 करोड़ का एस्टीमेट दिया है। इस तरह से करीब 18,41,02044.00 करोड़ का स्टीमेट बनाकर संबंधित विभाग को दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग ने अभी तक मांगी गई धनराशि बिजली विभाग को नहीं दी है। यदि बिजली विभाग यह कार्य कराता है तो राष्ट्रीय राजमार्ग को पहले धनराशि देना होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण खुद शिफ्टिंग का काम कराता है तो इस कार्य का सुपर विजन चार्ज के रूप में कुल राशि का पांच फीसदी धनराशि बिजली विभाग देना पड़ेगा। जीटी रोड फोर लेन के निर्माण में छिबरामऊ उपखंड कार्यालय व सिकंदरपुर में विद्युत उपकेंद्र भी आ रहा है। बिजली विभाग अभी तक इन प्रतिष्ठानों के निर्माण का स्टीमेट नहीं बना सका है। इसलिए बिजली के पोल व अंडरग्राउंड केबल शिफ्टिंग का एस्टीमेट भेजा है। अधीक्षण अभियंता जीपी यादव ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को इसकी जानकारी दे दी है।
अधीक्षण अभियंता विद्युत जीपी यादव का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्रधिकरण को स्टीमेट सौंपा जा चुका है। धनराशि मिलती है तो शिफ्टिंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। एक्सईएन कार्यालय छिबरामऊ के कुछ संस्थानों का स्टीमेट नहीं भेजा गया। इसको बाद में भेजा जाएगा। पोल शिफ्टिंग के कार्य में बिजली व्यवस्था में कुछ दिक्कत आएगी।