छिबरामऊ(कन्नौज)। स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण संपत्ति का रिकार्ड बनाया जा रहा है। इस योजना को शुरू हुए एक माह से ज्यादा समय हो गया है। अभी तक तहसील को ड्रोन कैमरे उपलब्ध नहीं कराए गए। इससे काम की प्रगति धीमी है।
स्वामित्व योजना को पूरा करने के लिए राजस्व विभाग, पंचायत विभाग और पुलिस विभाग को लगाया गया है। तहसीलदार अभिमन्यु कुमार ने बताया कि श्रेणी छह की आबादी वाली जमीनों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। सर्वे में सरकारी हैंडपंप, नाली, खड़ंजा, श्मसान, इलेक्ट्रिक पोल और रास्तोें को अलग-अलग चिह्नित किया जाएगा। विवादित संपत्ति के न्यायालय में विचाराधीन मामलों को अलग रखा जाएगा। यह प्रपत्र पांच में दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक ड्रोन कैमरे नहीं मिले हैं। इनके मिलते ही गांव की वीडियो और फोटोग्राफी होगी। चिह्नित संपत्तियों पर चूना डलवाया जाएगा। विवादित संपत्ति पर चूना की दोहरी रेखा खींची जाएगी। स्वामित्व योजना का रिकार्ड बनने के बाद गांव के लोगों को अपने मकानों पर बैंकों से ऋण सुविधा मिल सके गी। उन्होंने बताया कि लेखपालों ने मौके पर सत्यापन कर ऑनलाइन फीडिंग का काम शुरू कर दिया है।
अयूबपुर और इस्माइलपुर में एक-एक, भौंसियापुर में 321 का हुआ सत्यापन
स्वामित्व योजना के कार्य की गति धीमी है। तहसील क्षेत्र के 70 गांवों में काम शुरू हो चुका है। कई गांवों में सत्यापन कार्य दहाई के अंक को भी पार नहीं कर सका है। इनमें रामपुर निगोह, कल्यानपुर, खरौली, अयूबपुर, इस्माइलपुर हैं। भौंसियापुर में सबसे ज्यादा 321 का सत्यापन हो चुका है। सुजातनगर, रायपुर, जगतपुर, भीखमपुर सानी, हमीरपुर, झूसी नागर, रजलामऊ, महोना, परीक्षितपुर, नरुइया, लाड़पुर, तेरारब्बू, नेपालपुर, फिरोजपुर, किशनपुर, आसफपुर पट्टी, गदौरा, किर्राना, देवीपुर, दिलावरपुर, हुसेपुर, हजरतपुर में सत्यापन कार्य एक सैकड़ा से अधिक का आंकड़ा पार कर चुका है।