छिबरामऊ (कन्नौज)। हाथरस की बिटिया के साथ अमानवीय घटना को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार की देर शाम वाल्मीकि समुदाय के युवकों ने शासन व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कैंडल मार्च निकाला। दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों को पचास लाख रुपये की सहायता व आरोपियों को चौराहे पर फांसी देने की मांग की गई।
नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय वाल्मीकि के नेतृत्व में युवाओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सौरिख तिराहे से पश्चिमी बाईपास तक मार्च निकाला। अध्यक्ष अजय वाल्मीकि ने कहा कि हाथरस की बिटिया को जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। दुष्कर्म पीड़िता के शव का मध्य रात्रि के बाद अंतिम संस्कार किया जाना निंदनीय है। जुलूस में जोगेंद्र सिंह, सूरज, अनूप, सुनील, जितेंद्र, सनी, अमित, शादाब, विकास, अनिल, अतुल, अमन, अंशू, शिवा, शिवम, बबलू, राजेंद्र, उमाशंकर, प्रताप कुमार, गोपाल, देवेंद्र सहित कई युवक शामिल हुए।
हसेरन प्रतिनिधि के अनुसार हाथरस की दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों के समर्थन में युवकों ने कैंडल मार्च निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। समुदाय के लोगों ने आरोपियों को फांसी, पीड़िता के परिजनों को आर्थिक सहायता व नौकरी, आरोपी प्रशासनिक अधिकारियों को निलंबित कर मुकदमा पंजीकृत कराने की मांग की।