तिर्वा। राजकीय इंटर कालेज में हिंदी-अंग्रेजी से लेकर पांच विषयों के शिक्षकों की कमी है। नौ प्रवक्ताओं में केवल दो और तेरह सहायक अध्यापकों में सिर्फ चार की तैनाती है।
उमर्दा कस्बा में 1972 में राजकीय इंटर कालेज की स्थापना हुई थी। प्रत्येक सत्र में कक्षा छह से इंटर तक 500 छात्रों का दाखिला होता था। कालेज में बीते पांच साल से शिक्षकों की कमी है। हिंदी और अंग्रेजी के शिक्षकों की भी तैनाती नहीं हो सकी है।
तेरह सहायक शिक्षकों में से चार शिक्षक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे। कालेज में शिक्षकों की कमी को देखकर भी शिक्षा विभाग कोई ठोस कदम नही उठा रहा। प्रधानाचार्य शिवमोहन कुशवाहा ने बताया कि राजकीय इंटर कालेज में नौ प्रवक्ता में से दो की तैनाती है।
इसके साथ 13 सहायक शिक्षकों में से चार शिक्षक हैं, चार व्यावसायिक शिक्षक नियुक्त हैं। कालेज में हिंदी,अग्रेंजी, सोशल साइंस, संस्कृत, चित्रकला विषय के शिक्षक नहीं हैं। प्रतिवर्ष साल में करीब तीन बार प्रस्ताव भेजकर शिक्षकों की मांग की जाती है लेकिन कुछ हो नहीं रहा।