उमर्दा(कन्नौज)। पराग दुग्ध संघ इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रहा है। समस्या बजट की है। वहीं भुगतान न मिलने से पशु पालकों ने दूध देना कम कर दिया है। इससे दुग्ध संग्रह केंद्र के कर्मचारियों को आठ माह से वेतन नहीं मिला है। करीब 17 कर्मचारियों का वेतन का 25 लाख रुपया बकाया है। कर्मचारियों का कहना है कि जल्द वेतन न मिला तो वह हड़ताल पर आ जाएंगे।
काऊ मिल्क प्लांट को आसानी से दूध मुहैया हो सके, इसके लिए 2016 में पांच करोड़ की लागत से गसीमपुर में दुग्ध संग्रह केंद्र की स्थापना हुई थी। जिले की 170 दुग्ध संग्रह समितियों से पशु पालकों का दूध लाकर उचित तापमान में काऊ मिल्क प्लांट भेजा जाता था। दुग्ध संग्रह समितियों से पशु पालकों को भुगतान न होने से इन्होंने दूध देना कम कर दिया है। वहीं जून से यहां काम कर रहे तकरीबन 17 कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया गया। इससे कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी के लाले हैं। कर्मचारी जल्द वेतन देने की मांग कर रहे हैं।
इस बाबत जनरल मैनेजर राजू वासड़े ने बताया कि मामला संज्ञान में है। कर्मचारियों को जल्द भुगतान कर दिया जाएगा।