क्षेत्र के गांव तरींद में रात में अचानक कच्चा मकान भरभराकर ढह गया, जिससे मलबे में दंपति और उनका मासूम बच्चा दबकर घायल हो गया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर मलबे में दबे परिवार को बाहर निकाला और अस्पताल भिजवाया। घायल गृहस्वामी को चिकित्सकों ने इटावा के लिए रेफर कर दिया।
क्षेत्र के गांव तरींद निवासी प्रदीप कुमार अपने कच्चे मकान में पत्नी वंदना और चार साल के पुत्र ऋषि के साथ सो रहा था। सोमवार रात साढ़े 12 बजे के करीब अचानक कच्चा मकान भरभरा ढह गया, जिससे तीनों मलबे में दब गए। मकान गिरने की आवाज सुनकर ग्रामीण उस ओर दौड़े और मलबा हटाकर उसमें फंसे घायलों को बाहर निकाला। सबसे पहले मलबे से वंदना को निकाला गया, इसके बाद उसके पुत्र ऋषि को भी सुरक्षित निकाल लिया, जबकि प्रदीप का पैर टूट गया था। रात में ही तीनों को खड़िनी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
चिकित्सकों ने घायल प्रदीप को इटावा के लिए रेफर कर दिया, जबकि ऋषि के पेट में अंदरूनी चोटें आईं हैं। इसलिए उसे राजकीय मेडिकल कालेज तिर्वा भेज दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि प्रदीप भूमिहीन है और वह मजदूरी कर अपने परिवार का गुजारा करता है। उसने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया था, लेकिन अभी तक अधिकारी उसे आवास नहीं दिलवा पाए हैं।
मलबे में भूसा, अनाज, बक्सा, साइकिल, बर्तन व चारपाई सहित सारा सामान दब गया। ग्रामीणों ने प्रदीप को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम शालिनी प्रभाकर ने बताया कि मौके पर क्षेत्रीय लेखपाल को भेज कर नुकसान का आकलन कराया जाएगा और पीड़ित को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा आवास के लिए बीडीओ को पत्र भी लिखा जाएगा।