सुप्रीम कोर्ट से शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किए जाने के बाद शिक्षामित्रों का धरना-प्रदर्शन छठवें दिन भी जारी रहा। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय में शिक्षामित्रों ने एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया, जहां शिक्षक-कर्मचारी संगठनों ने पहुंचकर उनका हौसला बढ़ाते हुए समर्थन दिए जाने की घोषणा की।
धरना स्थल पर अटेवा जिलाध्यक्ष सूफियान अहमद ने पूर्ण समर्थन दिए जाने की घोषणा की। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ महामंत्री विवेक चतुर्वेदी और प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदय नारायण यादव ने कहा कि हमारा संगठन शिक्षामित्रों के हर दुख-दर्द में साथ हैं। जनपदीय नेतृत्व ने निर्णय लिया कि यदि शीघ्र ही कोई निर्णय नहीं होता है तो जिले के समस्त विद्यालयों में तालाबंदी कर सरकार का विरोध किया जाएगा। आंदोलन को नैतिक समर्थन देते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष डा. अशोक सविता व जिला मंत्री उर्मिला यादव ने कहा कि शिक्षामित्रों को न्याय दिलाने के लिए समस्त कर्मचारी उनके साथ है।
वहीं, टीयूसीसी के प्रदेश महासचिव सुभाष चंद्र दोहरे ने कहा कि शिक्षामित्रों के साथ हुए अन्याय के संबंध में लखनऊ में केंद्रीय श्रम संगठनों की बैठक हुई थी जिसमें टीयूसीसी के प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की लड़ाई श्रम संगठनों के पदाधिकारी लड़ेगें। जिलाध्यक्ष सौरभ यादव, मानवेंद्र सिंह ने संयुक्त रुप से बताया कि प्रांतीय नेतृत्व की मुख्यमंत्री से वार्ता हुई है, सरकार ने 15 दिनों का समय मांगा है। इसलिए जनपद स्तर पर धरना स्थगित किया जाता है।