कन्नौज। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर भाजपा कार्याल्य में रविवार को उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर संगोष्ठी हुई। वक्ताओं ने कहा कि देशभक्ति के लिए डॉ. मुखर्जी ने राजनीति में प्रवेश किया था।
भाजपा जिलाध्यक्ष वीरसिंह भदौरिया ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अपना बलिदान कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाने के लिए दिया था। मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए समर्पित था। कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि हमसभी एक देश में एक निशान के नीचे और एक विधान में काम कर रहे हैं। भाजपा के एक-एक कार्यकर्ता को आज खुशी होती है कि छह अगस्त 2019 को मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 को धराशायी कर दिया। कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपतियों में से एक थे। बहु आयामी प्रतिमा के मालिक थे। वर्तमान पंजाब और वर्तमान पश्चिम बंगाल उन्हीं की देन है। विभाजन के वक्त मुस्लिम लीग ने कांग्रेस से जब सारा पंजाब और बंगाल लेने की ठानी थी और तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने प्रस्ताव को मान भी लिया होता। उस समय श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जन आंदोलन से जनता को जागृत करने का काम न किया होता। तो हम बंगाल और पंजाब की भी लड़ाई लड़ रहे होते।
नगर अध्यक्ष शिवेंद्र कुमार व नगर महामंत्री रामू राजपूत ने कहा कि डॉक्टर साहब ने जीवन की परवाह न करते हुए पूरा जीवन भारत माता के मस्तक को ऊंचा करने में लगा दिया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक बहु आयामी व्यक्तित्व के स्वामी ही नहीं एक महान शिक्षाविद, देश भक्त, राजनेता, सांसद,अदम्य साहस के धनी एवं सहृदय और मानवतावादी थे। इस दौरान महिला मोर्चा प्राची गुप्ता, विधायक प्रतिनिधि विवेक पाठक, जिला मीडिया प्रभारी शरद मिश्रा व पवन पांडे, राजू चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।