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Kannauj News: रोजाना 300 से 400 लोगों को काट रहे कुत्ते

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कन्नौज। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर ही नहीं रेलवे स्टेशन और अस्पतालों में भी कुत्तों का आतंक है। इस कारण जिले में प्रतिदिन 300 से 400 लोग कुत्तों के शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों को एंटी रैबीज वैक्सीनऔर एंटी रैबीज सीरम लगाए जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को शैक्षिक संस्थानों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनाें आदि स्थानों से कुत्तों व अन्य पशुओं को आश्रय गृह भेजने का आदेश दिया है। जिले में कुत्तों के लिए आश्रय गृह है और न ही इन्हें पकड़ने के लिए काेई व्यवस्था है। ऐसे में आम जनमानस को कुत्तों से निजात मिलना मुश्किल ही नजर आ रहा है। डीएम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन कराने की बात कह रहे हैं।
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जनवरी-फरवरी में यह संख्या और भी बढ़ जाती है। कई स्थानों पर कुत्तों के आतंक के चलते लोगों को घर से निकलने तक में डर लगता है। अब देखना यह है कि कुत्तों के आतंक से आम जनमानस को जिला प्रशासन किस प्रकार से निजात दिलाता है। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री का कहना है कि स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, खेल परिसर के पास से आवारा कुत्तों को हटाने का सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है। कोर्ट के आदेशों का पालन कराया जाएगा।
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केस एक : एक जून 2017 को गुरसहायगंज के क्षेत्र के गढिया बलिदादपुर पट्टी मटहेना के रामचंद्र के 12 साल के बेटे विशाल की जान गई।

केस दो : 23 अप्रैल 2023 को पुरानी कॉलोनी में 13 साल के किशोर को आवारा कुत्तों के झुंड ने नोच डाला था। इसमें किशोर की मौत हो गई थी। केस तीन : 20 फरवरी 2024 को रितुकला कॉलोनी में खेलते समय छह वर्षीय लखवीर पर कुत्तों न हमला कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
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केस चार : छिबरामऊ क्षेत्र में चार साल के दीपक पर कुत्तों ने हमला कर दिया था, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

दृश्य एक :
फोटो :33: गुरसहायगंज रेलवे स्टेशन पर बैठे कुत्ते। संवाद
गुरसहायगंज रेलवे स्टेशन पर आवारा कुत्ते हर समय घूमते रहते हैं। अगर वहां से गुजरते समय उनपर पैर पड़ जाए तो हमला कर देते हैं। कई बार यात्री खाना का सामान लेकर जाता है तो कुत्ते उसे भी छीन लेते हैं। स्टेशन पर कुत्तों के घूमने से यात्री भी डरे सहमे रहते हैं।

दृश्य दो :
फोटो :34: सौ शैय्या अस्पताल की ओपीडी में घूमता कुत्ता। संवाद
छिबरामऊ स्थित सौ शैय्या अस्पताल की ओपीडी, वार्ड व अन्य कक्षों में हर समय कुत्ते घूमते रहते हैं। कुत्तों के कारण अस्पताल में आने वाले मरीजों को काटने का डर सताता रहता है। ऐसे में मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।


दृश्य तीन :
फोटो :35: अमोलर बाजार में घूमते कुत्ते। संवाद
तालग्राम के अमोलर बाजार में कुत्ते घूमते रहते हैं। सितंबर में आवारा कुत्तों के झुंड ने अवधेश कश्यप की बकरियों पर हमला कर दिया था और तीन बकरियों को मार डाला था। शिकायत के बाद भी नगर पंचायत प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।

दृश्य चार :
फोटो :36: सौरिख के मोहल्ला संजय नगर में बैठे कुत्ते। संवाद
सौरिख के मोहल्ला संजय नगर में घरों के बाहर कुत्तों का झुंड बैठा रहता है। नगरीय निकाय के पास पकड़ने की व्यवस्था न होने के कारण कुत्ते मोहल्ले में घूमते रहते हैं और वहां से निकलने वाले बच्चों पर हमला कर देते हैं।
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