प्रभारी सीएमएस डॉ.डीएस मिश्रा से शिकायत करते मरीज।
- फोटो : amar ujala
ग्राम दिलू नगला स्थित सौ शैय्या अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हैं। मंगलवार को डाक्टर के खून की जांच लिखी। लैब स्टाफ ने जांच करने से इन्कार कर दिया। मरीज के शिकायत करने पर प्रभारी सीएमएस का पारा चढ़ गया। कार्रवाई की चेतावनी मिलने पर स्वास्थ्यकर्मी हरकत में आए। इसके बाद मरीजों की जांच शुरू की गई।
सौ शैय्या अस्पताल में गैर जनपदों के मरीज भी उपचार कराने आते हैं। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने से इन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मंगलवार को सरायप्रयाग निवासी जान मोहम्मद (55) और सौरिख की पूनम देवी के अलावा कई मरीजों को बुखार से संबंधित खून की जांच डाक्टर ने पर्चे में लिखी। मरीज लैब में पहुंचे। इन्होंने यहां तैनात स्टाफ को पर्चे दिए। लैब स्टाफ ने जांच करने से ही इन्कार कर दिया। ऐसे में मरीज मायूस होकर प्रभारी सीएमएस डॉ.डीएस मिश्रा के पास पहुंचे। यह बोले, डाक्टर साहब! वो खून की जांच नहीं कर रहे हैं।
यह सुनते ही सीएमएस का पारा चढ़ गया। उन्होंने एक कर्मचारी को बुलाकर मरीजों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कार्य में लापरवाही बरती गई तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी सीएमएस का पारा चढ़ता देख मरीजों की जांच शुरू की गई।