पंचायत चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराने को पुलिस
लाइन में बुधवार को जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों और उनके साथ लगने वाले
पुलिस अफसरों, कर्मियों को चुनावी पाठ पढ़ाया गया। हिदायत दी गई कि रुपये
बचाने के चक्कर में प्रधान या अन्य उम्मीदवारों की ओर से भेजा गया खाना ना
खाएं। चाय-नाश्ता भी न करें।
इससे बदनाम होंगे और दूसरे पक्ष की बातें
सुननी पड़ेंगी। विवाद से बचने को निष्पक्षता से एक समान व्यवहार करते हुए
चुनाव संपन्न कराएं। बुधवार को पुलिस लाइन में हुए प्रशिक्षण के दौरान
एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य व एडीएम रमेश चंद्र यादव ने कहा कि मतदान बूथ के
200 मीटर परिधि में न तो किसी की गाड़ी खड़ी होने दें न बस्ते लगने दें।
भीड़ को भी एकत्र न होने दें। बूथ के गेट पर हर वोटर को चेक किया जाए, ताकि
कोई पानी, स्याही या अवैध शस्त्र अथवा मोबाइल लेकर अंदर न घुस सके। वोटरों
को कतार में खड़ा कराएं। पोलिंग एजेंट को मतदान कक्ष से बाहर बैठाएं।
वोटरों की वीडियोग्राफी करते रहें। मतदान केंद्र के कक्ष में खिड़की टूटी
हों तो उसे ढंक दें।
एजेंटों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखें। बार-बार
इधर-उधर चक्कर न काटने दें। थाना प्रभारी गाड़ी में हेलमेट, लाठी, डंडे,
बाडी प्रोटेक्टर समेत अन्य सुरक्षा के उपकरण व थानेदार एंटी राइड गन लेकर
चलें। ड्यूटी में लगे पुलिस जवान भी मुस्तैद होकर पहुंचें। यदि कोई
गुंडई या गड़बड़ी करे तो सख्ती से निपटें और मोबाइल में रिकार्डिंग करें।
बताया कि हर दरोगा के एक-एक वायरलेस सेट दिया जाएगा, ताकि चुनावी
गतिविधियों की जानकारी लगातार देते रहें। वोट डालने के बाद किसी भी वोटर को
मतदान केंद्र पर न खड़ा होने दें। नेता या प्रत्याशी का गनर मतदान केंद्र
के अंदर न जाने पाए। किसी दूसरे गांव का व्यक्ति मतदान केंद्र पर नहीं
जाएगा।
यदि ऐसा मिले तो फौरन कार्रवाई करें। किसी वोटर का वोट यदि डाल लिया
गया है, तो उसका टेंडर वोट डलवाया जाए। अफसरों ने कहा कि प्रत्याशियों के
वाहन भी दो सौ मीटर की परिधि के अंदर न घुसने दें। यदि प्रत्याशी जबरदस्ती
करे तो उसके खिलाफ एक्शन लें।
यदि किसी केंद्र पर वोटरों की लाइन लंबी
हो और मतदान देर शाम तक चलने की उम्मीद हो तो रोशनी का बंदोबस्त करा लें।
पुलिस मोबाइल टीम आराम फरमाने की बजाय लगातार मतदान केंद्रों का भ्रमण
करें। वायरलेस सेट पर दी जाने वाली सूचना को गंभीरता से सुनें और घटनास्थल
पर फौरन पहुंचें।