जिला अस्पताल के पीछे सड़क पर मरा पड़ा कौवा।
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मानीमऊ(कन्नौज)। जिले में दो जगह कौवों के शव मिले हैं। पशु चिकित्सा महकमे की टीम ने कौवों के शवों को कब्जे में लेकर सैंपल लिए। इसके बाद इन्हें दफन कर दिया गया। वहीं बर्ड फ्लू की दहशत के चलते बाजारों से मुर्गे गायब हो गए हैं।
सोमवार सुबह जिला अस्पताल के पीछे पट्टी गांव के संपर्क मार्ग पर राहगीरों ने चार कौवों के शव देखे। इससे सनसनी फैल गई। बर्ड फ्लू की आशंका के चलते किसी ने इन्हें हाथ नहीं लगाया। इसी तरह मानीमऊ-ठठिया मार्ग पर पंजाब नेशनल बैंक के पीछे ग्रामीण किशन पाल, पुरुषोत्तम और अवधेश ने दो कौवों को मरा पड़ा देखा। इसकी जानकारी वन विभाग और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को दी गई। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने दोनों जगह टीम भेजकर कौवों का सैंपल लिया। इसके बाद इन्हें दफन करा दिया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जांच के लिए सैंपल बरेली भेजा जाएगा। सैंपल आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। सर्दियों के असर से भी कौवों व अन्य पक्षियों के मरने से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं बर्ड फ्लू की दस्तक से बाजारों से मुर्गे गायब हो गए हैं। दुकानदारों ने मुर्गों का मांस बेचना बंद कर दिया है।
मछली और बकरे के मांस की बढ़ी मांग
कन्नौज। बर्ड फ्लू की दहशत से लोगों ने अंडा और मुर्गे का मांस खाना बंद कर दिया। ज्यादातर लोग मछली और बकरे का मांस खरीद रहे हैं। इससे मछली और बकरे के मांस के दामों में उछाल आ गया है। बर्ड फ्लू को लेकर लोगों में दहशत है। इसके चलते मुर्गे का मांस और अंडे खाना लोगों ने बंद कर दिया। इससे बाजार में मुर्गे गायब हो गए हैं। अंडों की बिक्री भी प्रभावित हुई है। सर्दियों में अंडे का स्टाक करने वाले व्यापारियों को भारी नुकसान है। वहीं लोगों ने मछली और बकरे का मांस खाना शुरू कर दिया है। इससे मछली और बकरे के मांस के भाव बढ़ गए हैं। बकरे के मांस की कीमत 450 से 520 रुपये तक पहुंच गई है। 200 रुपये में बिकने वाली अच्छी प्रजापति की मछली के दाम 300 रुपये तक पहुंच गए हैं।