राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना से गांवों को ऊर्जीकृत करने के काम में तेजी नहीं आ पा रही है। सोमवार को कलेक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक में डीएम को पता चला कि अब तक जिले में चयनित 765 गांवों में से मात्र 292 गांवों का ही विद्युतीकरण किया जा सका है। इनमें से 201 गांवों को ही बिजली मिल पा रही है। इस पर डीएम ने कार्यदाई संस्था के लोगों को जमकर फटकार लगाई। बिजली विभाग के अभियंताओं के भी पेंच कसे।
जिलाधिकारी ने कहा कि छूटे गांवों का युद्धस्तर से जुटकर विद्युतीकरण कराकर बिजली आपूर्ति चालू कराएं। मार्च व अप्रैल महीने में 38-38 गांव का ऊर्जीकरण हर हाल में कराएं। उन्होंने काम में देरी करने पर एक्सईएन को राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना का काम करने वाली फर्म एसपीबीेएल कंपनी के खिलाफ कार्रवाई कर लिखापढ़ी की जाए। डीएम ने गांव मिरजापुर करना व मिंडापुरवा का विद्युतीकरण जनवरी महीने में निर्देश देने के बाद भी अभी तक पूर्ण न होने पर नाराजगी जताई।
उन्होने कहा कि जनप्रतिनिधि शिकायतें कर रहे हैं कि कार्यदाई कंपनी अवैध वसूली करने में जुटी है। इस पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता विद्युत को दी गई। बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विद्युतीकरण में देरी से जनता परेशान है। शासन की योजना का लाभ समय से गांव वालों को नहीं मिल रहा है।
यदि संबंधित संस्था समय से काम नहीं करा सकती है तो उसका ठेका निरस्त कर दूसरी कंपनी को लगाया जाए। बैठक में राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल, सदर विधायक अनिल दोहरे, सपा जिलाध्यक्ष मुन्ना दारोगा, मुख्य विकास अधिकारी उदयराज यादव, एक्सईएन पी.राम, एसपीबीएल कंपनी के पदाधिकारी मौजूद रहे।
उगाही की शिकायत की
कन्नौज। तिर्वा के विधायक एवं राज्यमंत्री माध्यमिक शिक्षा विजय बहादुर पाल के पुत्र अनिल पाल ने कहा कि राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना का काम कराने वाले ठेकेदार मनमानी पर उतारू हैं। खुलेआम जनता से सुविधाशुल्क मांगते हैं। इसी का नतीजा है कि विद्युतीकरण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। बार-बार समय सीमा बढ़वाई जा रही है ताकि ज्यादा कमाई कर सकें। उन्होंने अधिशासी अभियंता विद्युत पी. राम से शिकायत करते हुए नाराजगी जताई और कहा कि विद्युतीकरण कराने वाली फर्म के ठेकेदारों की जांच कराकर कानूनी कार्रवाई की जाए। तभी उनका रवैया सुधरेगा।