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Kannauj News: छात्रों के काम आएगा देवेंद्र का शव

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कन्नौज। तिर्वा मेडिकल काॅलेज के इतिहास में शनिवार को पहली बार देहदान हुआ। साकेत नगर कानपुर निवासी देवेंद्र प्रकाश गुप्त (92) का पार्थिव शरीर कॉलेज को सौंपा गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पार्थिव शरीर को हासिल कर लिया है।
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कानपुर से प्रदेश भर में संचालित युग दधीचि देहदान अभियान की महासचिव माधवी सेंगर ने बताया कि शनिवार सुबह डब्लू वन साकेत नगर कानपुर निवासी देवेंद्र प्रकाश गुप्त का निधन होने पर पुत्र विनोद गुप्त ने अभियान प्रमुख मनोज सेंगर को फोन कर सूचना देकर देहदान कराने का आग्रह किया। इसके बाद उन्होंने पति से विमर्श कर देह को तिर्वा मेडिकल कॉलेज को दान करने का निश्चय किया। शाम साढ़े पांच बजे एंबुलेंस से देह लेकर चले और शाम साढ़े सात बजे मेडिकल कॉलेज पहुंच कर एनाटॉमी हेड डाॅ. मंजुला सिंह को सम्मान सहित पहली पार्थिव देह समर्पित की। बुजुर्ग देवेंद्र प्रकाश एक महाविद्यालय से शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए और उन्होंने वर्ष 2007 में देहदान का संकल्प लिया था। प्राचार्य डॉ सीपी पाल ने देहदान कराने के लिए संस्थान का आभार जताया है। सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि मेडिकल छात्रों को पढ़ाई के लिए मानव शरीर की जरूरत है। देहदान से उन्हें इसमें आसानी होगी। छात्र बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।

साकेत नगर के गुप्ता परिवार से यह तीसरा देहदान है। इससे पूर्व जून 2007 में इनकी पत्नी तपेश्वरी देवी, फरवरी 2010 में बेटी ऊषा देवी और शनिवार को देवेंद्र प्रकाश के देहदान ने गुप्ता परिवार को अमर कीर्ति प्रदान की है। कानपुर से देह समर्पण के समय पुत्र विनोद गुप्त, पुत्र वधू गायत्री गुप्त, पौत्री रुचिका गुप्ता के साथ देहदान अभियान के वरिष्ठ संरक्षक पं. शेष नारायण त्रिवेदी पप्पू ने पूजन एवं मंत्रपाठ करते हुए देह को विदा किया। इस दौरान कन्नौज देहदान प्रभारी पं. विनय दुबे दीपक और तिर्वा प्रभारी पं. त्रिलोकी नाथ चतुर्वेदी मौजूद रहे।
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