वाहनों के चालान कटाते यातायात पुलिस।
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जिले की पुलिस हाईटेक हो गई है। अब एक मिनट के अंदर वाहन स्वामी की डिटेल निकाल ली जाएगी। चेकिंग के दौरान यह भी आसानी से पता चल सकेगा कि वाहन चोरी है या नहीं। बुधवार को एसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि वाहनों की जानकारी लेने के लिए एआरटीओ कार्यालय की तर्ज पर पुलिस लाइन में भी एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इससे वाहन चेकिंग अभियान में सुविधा मिलेगी। एसपी ने बताया कि जिले में सैकड़ों चोरी के वाहन धड़ल्ले से फर्राटा भर कर निकल जाते थे।
पुलिस चेकिंग के दौरान भी इन वाहनों को नहीं पकड़ पा रही थी। अब पुलिस हाईटेक हो चुकी है। वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को यदि कोई वाहन संदिग्ध नजर आता है तो पुलिस तत्काल कंट्रोल रूम में फोन करेगी। वाहन का नंबर प्लेट व चेचिस नंबर बताकर उसकी डिटेल एकत्र करेगी। इसमें वाहन का स्वामी कौन है। कहां का निवासी है सहित अन्य डिटेल भी एकत्र की जाएगी। चोरी का वाहन होने पर तत्काल उसे सीज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वाहनों की जानकारी लेने के लिए एआरटीओ कार्यालय की तर्ज पर पुलिस लाइन में भी एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है। वाहन चेकिंग अभियान चलने के दौरान पुलिस को यदि को वाहन संदिग्ध नजर आता है तो चेकिंग करने वाला अधिकारी तत्काल अपने फोन से कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारी का मोबाइल नंबर लगाएगा। एक मिनट के अंदर वाहन की डिटेल हासिल कर वाहन चलाने व्यक्ति से पूछताछ की जाएगी।
बुधवार को पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात प्रभारी कमलेश कुमार सिंह ने यातायात सिपाहियों के साथ तिर्वा क्रासिंग पर वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान महाराष्ट्र की एक इनोवा को पकड़ा। कागजात मांगे तो नहीं दिखा सके। इस पर कार को सीज कर कोतवाली में खड़ा करा दिया। पुलिस उसके मुख्य मालिक से संपर्क साधने में जुट गई है।