इमरजेंसी में बुखार पीड़िता को देखते डॉ.अजीत।
- फोटो : KANNAUJ
तिर्वा(कन्नौज)। मेडिकल कालेज में सभी बुखार पीड़ित मरीजों की डेंगू जांच नहीं कराई जा रही। सात माह में 20 मरीजों की यह जांच कराई गई। इनमें एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
राजकीय मेडिकल कालेज की ओपीडी में प्रतिदिन 100 से लेकर 200 मरीज पंजीकरण कराकर उपचार कराते हैं। ओपीडी के बाद इमरजेंसी में भी 20 से 30 मरीज भर्ती होते हैं। कालेज में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों में करीब 50 से 60 मौसम के कारण बीमार होकर पहुंच रहे हैं।
कालेज में पहुंचने वाले मरीजों में बुखार के सभी रोगियों की डेंगू जांच नहीं कराई जा रही। बदलते मौसम के दौरान गांव-गांव डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। कालेज में सात माह में 20 रोगियों की डेंगू जांच कराई गई। इनमें एक माह पहले एक में डेंगू के लक्षण मिले थे। माइक्रो बायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सजीव त्रिपाठी का कहना है कि ओपीडी और इमरजेंसी में गंभीर हालत वाले मरीजों का सैंपल डेंगू की जांच के लिए भेजा जाता है।
कालेज में इस साल 20 मरीजों के सैंपल जांच के लिए आए थे। एक मरीज ही पॉजिटिव निकला था। ओपीडी में डॉक्टरों से कहा गया है कि बुखार न जाने वाले मरीजों का ही सैंपल डेंगू जांच के लिए भेजा जाए। कालेज में जिले से 20 और फर्रुखाबाद से नौ सैंपल जांच के लिए आए थे। फर्रुखाबाद से आए सभी सैंपल डेंगू पॉजिटिव निकले।