छिबरामऊ(कन्नौज)। दशहरा पर नगर के रामलीला मैदान में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और दशानन के बीच घमासान युद्ध हुआ। राम ने एक साथ 31 वाण छोड़कर रावण को धराशायी कर दिया। रावण के धराशायी होते ही रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। आतिशबाजी के धमाकों के साथ रावण का पुतला जलने लगा।
मंगलवार शाम लगभग चार बजे तालग्राम तिराहा स्थित प्रताप टेंट हाउस से राम और रावण के बीच युद्ध की शुरुआत हुई। युद्ध रामलीला मैदान तक चलता रहा। कभी राम की सेना हावी रही तो कभी रावण की सेना ने वानर सेना को खदेड़ दिया। मुख्य मार्ग पर राम और रावण के बीच युद्ध को देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। दो घंटे बाद राम और रावण की सेना विशुनगढ़ रोड स्थित रामलीला मैदान पहुंची। काफी प्रयासों के बाद भी भगवान राम रावण को हराने में सफल नहीं हो सके तो उनकी सेना में मायूसी छाने लगी।
विभीषण के कहने पर राम ने एक साथ 31 वाण छोड़े। इससे रावण के दस सिर और बीस भुजाएं कट कर गिर गईं। एक वाण ने उसकी नाभि के अमृत को सुखा दिया। इसके बाद रावण धराशायी हो गया। रावण के पुतले को आग के हवाले कर दिया गया। आग लगते ही रावण धू-धू कर जलने लगा। रामलीला मैदान पर खासी भीड़ उमड़ी। इस दौरान छिबरामऊ-विशुनगढ़ मार्ग पर जाम लग गया। रामलीला मैदान में सुरक्षा के व्यापक पैमाने पर इंतजाम किए गए थे।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष देवकीनंदन मिश्रा, महामंत्री विजय चौहान, प्रबंधक मनोज दुबे, चेयरमैन राजीव दुबे, भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष रामानंद वर्मा, नरेश वर्मा, नगर अध्यक्ष सुरेश वर्मा पेंटर, टीटू अग्निहोत्री, सनी अग्निहोत्री, प्रेममुरारी दुबे, कल्लू दीक्षित, राजीव नयन त्रिपाठी एडवोकेट, दिलीप गुप्ता, आनंद गुप्ता, अंकित दुबे, बब्बा यादव, अंकुर दीक्षित, प्रशांत तिवारी चंदन, विपिन दुबे सहित सैकड़ों लोगों ने भगवान श्रीराम की आरती उतारकर आशीर्वाद लिया।