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Kannauj News: शातिर महिला चोरों को दबोचा

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फोटो :24: पुलिस की गिरफ्त में आरोपी व पीछे खड़ी बरामद कार।संवाद
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फोटो :25: जेवर पार करने की वारदात सीसीटीवी में कैद हुई। स्रोत: पुलिस
-सराफा कारोबारी को बातों में उलझाकर उड़ाए थे सोने-चांदी के आभूषण

-सीसीटीवी फुटेज से खुला राज, तीन महिलाएं और चालक गिरफ्तार, एक फरार

संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज। ग्राहक बनकर सराफा दुकान से लाखों के गहने उड़ाने वाले अंतरजनपदीय महिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तीन महिलाओं और एक चालक को दबोच लिया। तालग्राम पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों के पास से चोरी हुए सोने-चांदी के आभूषण, घटना में इस्तेमाल कार, मोबाइल फोन और नकदी बरामद हुई है। गिरोह की सरगना रिंकी उर्फ पिंकी का पति अभी फरार है।



एसपी विनोद कुमार ने बताया कि 12 जुलाई को अमोलर स्थित पटेल ज्वैलर्स पर दो महिलाएं और एक पुरुष ग्राहक बनकर पहुंचे। आभूषण खरीदने का बहाना कर उन्होंने दुकान संचालक विवेक पटेल को बातचीत में उलझा लिया। महिलाओं ने बड़ी सफाई से एक जोड़ी सोने के टॉप्स, सोने का डबल पेंडल, एक जोड़ी सोने के कुंडल और चांदी की तोड़िया पार कर दीं।
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वारदात के बाद तीनों आरोपी आराम से दुकान से निकल गए। घटना का पता चलने पर व्यापारी ने पुलिस को तहरीर दी। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर आरोपियों की गतिविधियां सामने आ गईं। इसके बाद सर्विलांस की मदद से पुलिस ने गिरोह तक पहुंच बनाई।



पुलिस ने हरदोई के बेनीगंज निवासी छुन्ना, मल्लावां निवासी ऊषा और बेनीगंज निवासी बोलेरो चालक सिराज को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह की सरगना बेनीगंज निवासी रिंकी पुलिस की पकड़ में आ गईं। रिंकी का पति शिव पूजन शुक्ला फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।

जांच में गिरोह के सदस्य कई जिलों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। सरगना रिंकी उर्फ पिंकी के खिलाफ प्रदेश के कई जिलों में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और पुराने मामलों की भी पड़ताल कर रही है।



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सीसीटीवी फुटेज से पर्दाफाश

आरोपियों ने वारदात को बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया लेकिन दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों ने उनकी हर गतिविधि रिकॉर्ड कर ली। यही फुटेज जांच की सबसे अहम कड़ी बनी और पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।



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ऐसे करती थीं वारदात

गिरोह की महिलाएं पहले ग्राहक बनकर दुकान में प्रवेश करती थीं। फिर आभूषण देखने और खरीदारी की बातचीत के दौरान दुकानदार का ध्यान भटकाया जाता था। इसी बीच मौका पाकर जेवर छिपा लिए जाते थे और आरोपी आराम से निकल जाते थे।
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सात जिलों में दर्ज हैं 14 मुकदमे

गिरोह की सरगना रिंकी पर हरदोई में पांच बाराबंकी में एक फतेहगढ़ में एक, फतेहपुर में एक लखनऊ में चार और शाहजहांपुर और सीतापुर में एक एक मुकदमा है। इसके अलावा 10 अन्य मुकदमे में भी है। इसके अलावा ऊषा पर कानपुर नगर और फतेहपुर में एक-एक मुकदमे में दर्ज है।
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