कोतवाली क्षेत्र के तारनपुर्वा गांव में एक विवाहिता को रविवार की दोपहर कमरे में बंद कर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी। गंभीर हालत में मायके वालों ने मेडिकल कालेज में भर्ती कराया, हालत चिंताजनक होने पर कानपुर रेफर कर दिया गया। सोमवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। विवाहिता के भाई ने ससुराल पक्ष के चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के पट्टी गांव निवासी आशीष राजपूत पुत्र दर्शनलाल ने दी तहरीर में बताया कि उसने अपनी बहन सावित्री (35) का विवाह तारनपुर्वा में 16 साल पहले वेद प्रकाश के साथ किया था। सावित्री की दो संतानें भी हैं। कुछ दिनों से ससुराल पक्ष के लोग उसका उत्पीड़न कर रहे थे। रविवार की दोपहर बारह बजे के करीब वेदप्रकाश, रामसेवक, विष्णु दयाल, ब्रजभूषण पुत्रगण जगदीश राजपूत कमरे में बंदकर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। पड़ोसियों की सूचना पर गांव पहुंचे और बहन को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। वहां हालत गंभीर होने पर कानपुर रेफर कर दिया गया। सोमवार को कानपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई।
तिर्वा कोतवाल आमोद कुमार सिंह ने बताया कि मामले में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है। विवाह के सोलह साल हो जाने की वजह से दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज नहीं हो सकता है। मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द ही नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जाएगी। तहरीर के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए घर में दबिश दी गई थी। लेकिन आरोपियों के कानपुर में होने की जानकारी मिली है। इधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई होगी।