नजीबाबाद में जोगीरम्पुरी में प्राचीन शिव मंदिर पर लाउड स्पीकर लगाने के विवाद में प्रशासन ने दोनों पक्षों को एक बार फिर से आपसी समझौते के साथ विवाद के निपटारे की सलाह दी है।
उधर, उच्च अधिकारियों ने सहमति बिना कोई भी नई परंपरा शुरू न किए जाने की बात कही है। नवरात्र के दौरान जोगीरम्पुरी स्थित प्राचीन शिव मंदिर में लाउड स्पीकर लगाने को लेकर शुरू हुए विवाद में अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। तीन दिन पूर्व दोनों पक्षों में रायपुर थाने में सशर्त समझौता हुआ था।
लेकिन अचानक एक पक्ष समझौते से हट गया। जिसके बाद कई दौर की प्रशासन की मध्यस्थता से दोनों पक्षों में वार्ता हुई, लेकिन विवाद का पटाक्षेप नहीं हो पाया। प्रशासनिक अधिकारियों एसडीएम वीके सिंह, सीओ नगीना अशोक यादव ने सोमवार को डीएम, एसपी को दोनों पक्षों की मांगों तथा कई दौर की हुई समझौता वार्ता में उठे मुद्दों की जानकारी दी।बिजनौर दौरे पर आए डीआईजी को भी स्थिति से अवगत कराया।
उधर, उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों को पुन: वार्ता कर समझौते के आधार पर समस्या का हल निकालने की सलाह दी है। बताया जाता है कि उच्च अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दोनों पक्षों की सहमति के बिना कोई भी नई परंपरा शुरू नहीं की जा सकेगी। उधर, विहिप के पूर्व जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार एडवोकेट ने जोगीरम्पुरी लाउड स्पीकर विवाद में प्रशासन पर एक पक्ष के प्रति झुकाव होने तथा प्रशासनिक अधिकारियों पर सपा सरकार के प्रतिनिधि होने का आरोप लगाया है। उन्होंने मंदिर पर लाउड स्पीकर लगाने की मांग को न्यायोचित बताया।