बाइक सवार चार बदमाशों को दबोचने में पुलिस ने पूरे गांव की घेराबंदी कर दी। काफी देर बाद पीछा कर पुलिस बदमाशों की आशंका में एक मकान में घुस गई। अचानक घर में घुसी पुलिस को देख महिलाएं बिफर गईं। पुलिस और महिलाओं के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। बाद में पुलिस घर से एक युवक को अपने साथ पकड़ ले गई। बाद में बाइक को सीजकर चारों युवकों को माफी मांगने पर छोड़ दिया गया। सोमवार दोपहर थानाध्यक्ष अजयराज वर्मा वाहन चेकिंग कर रहे थे।
उसी दौरान एक बाइक जिस पर चार युवक सवार थे उसे रोकने का प्रयास किया। इस पर युवकों ने बाइक की रफ्तार बढ़ा दी और वहां से भाग निकले। थानाध्यक्ष ने बदमाश होने की आशंका में थाने में वायरलेस कर गांव की नाकेबंदी करा दी। सूचना मिलते ही दूसरी तरफ से दारोगा ब्रजेश यादव भी बाइक सवारों की तलाश में निकल पड़े। अचानक एक साथ पुलिस की घेराबंदी होते देख गांव में हड़कंप मच गया।
इस बीच थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ बाइक सवारों का पीछा करते हुए महेशचंद्र राठौर के घर में घुस गए। पुलिस को घर में देख महिलाएं बिफर पड़ी। हालांकि थानाध्यक्ष बार-बार यह कहते रहे कि इस घर में बाइक सवार बदमाश घुसे हैं। काफी देर तक महिलाओं और पुलिस के बीच नोकझोंक होती रही। आखिरकार काफी मशक्कत के बाद पुलिस आशीष उर्फ जुम्मन को हिरासत में लेकर थाने ले आई। इसके बाद उससे पूछताछ की गई।
उसने बताया कि उसके साथ उसका भाई प्रशांत उर्फ नन्हे गांव के पिंटू वर्मा व कुलदीप थे। वह लोग हरीपुर से क्रिकेट खेलकर लौट रहे थे। पुलिस को देखकर उन लोगों ने बाइक भगाकर अपने घर पहुंच गए। इस बीच शेष तीनों युवक भी थाने बुला लिए गए। बाद में थानाध्यक्ष ने आशीष की बाइक सीज कर दी। इसके बाद माफी मांगने के बाद चारों युवकों को पुलिस ने छोड़ दिया।