दक्षिण जिले की हौजखास थाना पुलिस ने 800 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करने वाले एक कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार किया है। कंपनी छह साल में पैसे दोगुना करने का निवेशकों को भरोसा देती थी।
आरोपियों ने दिल्ली, यूपी व मध्यप्रदेश में अपने ऑफिस खोल रखे थे। थाना पाली, कोरबा, छत्तीसगढ़ पुलिस आरोपी को दिल्ली से चार दिन के ट्रांजिट रिमांड पर मध्य प्रदेश ले गई है। कंपनी के निदेशकों के खिलाफ मध्य प्रदेश व यूपी में मामले दर्ज हैं। अलीगढ़ एसएसपी को भी शिकायत दी गई है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार निदेशक का नाम ग्वालियर, मध्यप्रदेश निवासी मुकेश बघेल है। हौजखास थाना पुलिस ने उसे कंपनी के निवेशकों की मदद से हौजखास मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है।
आरोपी इंदिरापुरम, गाजियाबाद में छिपकर रह रहा था। कंपनी के सात अन्य निदेशक वकील सिंह, बनवारीलाल, संजीव सिंह, सुरेंद्र सिंह, राजवीर सिंह, धर्मवीर कुशवाहा और उर्मिला है और सभी फरार हैं।
संजीव सिंह व उर्मिला मुकेश के जीजा व बहन हैं। इन्होंने अलीगढ़, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, यूपी के अन्य हिस्से, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, रीवा, सीधी, उज्जैन, रामपुर, दिल्ली के विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर में ऑफिस खोल रखे थे।
कंपनी लोगों से छह साल तक प्रतिमाह एक हजार रुपये निवेश करने पर 1,15,000 रुपये देने का वादा करती थी। इस तरह हजारों लोगों से करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है। आरोपी कंपनी को बंद कर फिर दूसरी कंपनी खोलते थे। पहली कंपनी का डाटा व पैसे दूसरी कंपनी में ट्रांसफर कर लेेते थे।
इन्होंने पहले बीपीएन रीयल एस्टेट नाम से कंपनी खोली। इस कंपनी को बंद कर बाद में सनराइज इंफ्रा बिल्ड कॉरपोरेशन कंपनी खोली। चांदगढ़ी, दातावली गली, अलीगढ़ निवासी नरेश कुमार कंपनी का एजेंट और निवेशक है।
उसने हौजखास थाना पुलिस को दिए बयान में कहा है कि कंपनी पूरे भारत में लोगों के साथ करीब 800 करोड़ रुपये की ज्यादा की ठगी कर चुकी है। मुकेश बघेल के खिलाफ मध्यप्रदेश व यूपी में आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं।