अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। मध्य प्रदेश में चार माह पूर्व हुए ट्रेन ब्लास्ट में शामिल आतंकी सैय्यद मीर हुसैन उर्फ हम्जा के परिजनों व जान पहचान के लोगों को एक बार फिर एटीएस ने रडार पर लिया है। कानपुर में एटीएस के हत्थे चढ़े सैयद मीर हुसैन के मामा की गिरफ्तारी के बाद जिले में भी हलचल बढ़ गई है।
मार्च में एटीएस ने लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में कानपुर के आतंकी सैफुल्ला को मार गिराया था। सैफुल्ला और गुरसहायगंज के इंद्रानगर मोहल्ले में रहने वाले सैय्यद मीर हुसैन उर्फ हम्जा ने अपने साथियों के साथ मध्यप्रदेश में ट्रेन को ब्लास्ट किया था। हम्जा और उसके साथी पहले से ही जेल में बंद हैं।
सूत्रों के अनुसार, कानपुर के जाजमऊ में रहने वाला आसिफ, आतंकी सैय्यद मीर हुसैन का मामा है। मामा आसिफ के जरिए ही उसकी फैजुल्ला से जान पहचान हुई थी। इसके बाद उसने आतंक की राह चुन ली थी। आसिफ की गिरफ्तारी के बाद एटीएस और जांच एजेंसी जिले का रुख कर हम्जा के पिता सैयद अहमद हसन के साथ उसके जान पहचान के लोगों से पूछताछ कर सकती है।
रामपुर जनपद के रहने वाले सैयद अहमद की करीब 20 साल पूर्व नुसरत से शादी हुई थी। हम्जा के जन्म के बाद दोनों का तलाक हो गया था और नुसरत मुरादाबाद में रहने लगी थी, लेकिन हम्जा, मां के साथ कानपुर में अपने घर आता-जाता था। वहीं से वह सैफुल्ला के संपर्क में आ गया था। सैयद मीर हुसैन की गिरफ्तारी के बाद खुफिया जांच एजेंसी कई बार उसके पिता व परिवार के लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
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