अमर उजाला ब्यूरो
छिबरामऊ(कन्नौज)। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में युवक ने एक साल की बच्ची को टॉफी दिलाने का लालच देकर हैवानियत की। आठ अगस्त को हुई घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने माता पिता गई बार पुलिस चौकी गए लेकिन सुनवाई नहीं हुई। शनिवार को थाना समाधान दिवस में भी कई घंटे बैठे रहे लेकिन किसी ने उनकी फरियाद नहीं सुनी।
छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र एक गांव आठ अगस्त की शाम करीब सात एक वर्षीय बच्चे घर के पास खेल रही थी। इस दौरान गांव का युवक टॉफी दिलाने का लालच लेकर उसे साथ ले गया। सुनसान स्थान पर ले जाकर युवक ने बच्ची के नाजुक अंग में अंगुली से चोट पहुंचाई, इससे रक्तस्राव होने लगा।
बच्ची के चीखने पर युवक उसे बदहवास स्थिति में छोड़कर भाग गया। शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। शनिवार को बच्ची के माता-पिता छिबरामऊ कोतवाली पहुंचे। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट कराने कई बार सिकंदरपुर चौकी गए लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। कोतवाली में भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कोतवाल संतोष कुमार व्यास ने बताया कि घटना जानकारी नहीं है। पता करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
आखिर क्यों नहीं लिखती पुलिस रिपोर्ट
छिबरामऊ। मासूम बच्चियों के साथ होने वाली घटनाओं पर भी पुलिस संजीदा नहीं दिखती। मामले को टाल कर खुद को बचाने का ही प्रयास करती है। प्रेमपुर चौकी क्षेत्र में 9 अगस्त को साढ़े तीन साल की मासूम के साथ दुराचार की घटना हुई थी। सूचना पर यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने बजाय कार्रवाई करने के पीड़ित को ही डराधमका कर समाज में बेइज्जती होने का वास्ता देकर शांत करा दिया था। इस घटना की दो दिन बाद तब रिपोर्ट दर्ज हुई, जब कुछ राजनैतिक लोगों ने कोतवाली पहुंचकर दबाव बनाया था। यही हाल सिकंदरपुर चौकी क्षेत्र की पीड़िता के परिजन 10 दिन से रिपोर्ट दर्जकराने के लिए भटक रहे हैं।
युवक ने एक साल की बच्ची से की हैवानियत
चौकी और कोतवाली पुलिस नहीं दर्ज कर रही रिपोर्ट