अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। बैंक से लिया गया साढ़े चार लाख रुपया कर्ज हजम करने के लिए ट्रैक्टर मालिक ने लूट की फर्जी कहानी गढ़ी थी।
दी। पुलिस ने जांच शुरू की तो हकीकत सामने आ गई। पूछताछ में ट्रैक्टर मालिक ने सारा राज उगल दिया। इसके बाद ट्रैक्टर मालिक और उसके दो साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर ट्रैक्टर बरामद कर लिया। शुक्रवार को एसपी ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।
इंदरगढ़ के रौसा गांव निवासी अजय पुत्र रामप्रसाद के साथ हुई लूट का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा किया। अपने कार्यालय में एसपी एसपी आमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि 24 दिसंबर को करीब 3:30 बजे अजय ने सौरिख पुलिस को सूचना दी कि 23 दिसंबर की शाम करीब 7 बजे लाल पल्सर सवार बदमाशों ने ट्रैक्टर व 75 हजार रुपये लूट कर बांधकर पुल के नीचे डाल दिया था। अजय के अनुसार वह कुट्टी मशीन खरीदने तालग्राम जा रहा था। तहरीर पर पुलिस ने तीन अज्ञात के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।
एसपी ने बताया कि विवेचना के दौरान सौरिख थानाप्रभारी राजकुमार सिंह को पता चला कि अजय ने ट्रैक्टर के लिए कोटक बैंक से कर्ज लिया था। उसे करीब साढ़े चार लाख रुपये बैंक को चुकाने थे। कर्ज की रकम हजम करने के लिए उसने साथी रामसागर पुत्र श्रीकृष्ण निवासी ग्राम रौसा थाना इंदरगढ़ और सीटू पुत्र बलराम सिंह निवासी ग्राम सरगौली इंदरगढ़ के साथ लूट झूठी कहानी रची। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर तेराजाकेट में बबूल के जंगल से ट्रैक्टर भी बरामद कर लिया। स्वाट व सर्विलांस टीम ने भी खुलासे में सहयोग किया। एसपी ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अपराधिक षड़यंत्र रचने और साक्ष्यों को छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी ने पुलिस टीम को खुलासा करने पर 10 हजार इनाम की घोषणा भी की है।
सौरिख एसओ राजकुमार सिंह ने बताया कि अजय ने नादेमऊ होते हुए अकेले तालग्राम जाने की बात कही थी। विवेचना के दौरान नादेमऊ के शिवम होटल में पूछताछ की गई। वहां पता चला कि अजय 24 दिसंबर को अजय दो बाइक सवारों के साथ आया था। तीनों ने अंडा करी खाई थी और बिल अजय ने दिया था। पुलिस को यह भी पता चला कि अजय ने रास्ते में पेट्रोल पंप से 1900 रुपये का डीजल भी भरवाया था। अजय ने बताया था कि बदमाश हाथ पीछे करके अंगौछे से बांध गए थे, पास पड़े पत्थर से रगड़ कर किसी तरह उसने अंगौछे को काटकर खुद को बंधन मुक्त किया। अंगौछे के परीक्षण में पाया गया कि उसे काटा नहीं बल्कि तीन जगह से फाड़ा गया था। पुलिस क्राइम सीन करने के लिए अजय को ईशन नदी पुल के नीचे ले गई और अंगौछे हाथ बांधकर पत्थर से रगड़कर काटने के लिए कहा। अजय ये करने में असफल साबित हुआ। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बैंक से लिया गया कर्ज हजम करने के लिए लूट की कहानी गढ़ने और उसमें दो साथियों का हाथ होने का गुनाह कबूल कर लिया।
कर्ज का पैसा हजम करने को रची लूट की कहानी
क्रासर
ट्रैक्टर मालिक और उसके दो साथी गिरफ्तार
24 दिसंबर को दर्ज कराई थी लूट की रिपोर्ट
फोटो-01- वारदात का खुलासा करते एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह, सौरिख एसओ राजकुमार सिंह और पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
फोटो-02- बरामद किया गया ट्रैक्टर।