तिर्वा (कन्नौज)। गौशाला की भूमि पर अवैध निर्माण की सूचना पर तहसीलदार पहुंचे। उन्होंने निर्माण कार्य रुकवा दिया। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई थी। तहसीलदार ने पुलिस कर्मियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया।
कोतवाली क्षेत्र के लिलुईया गांव में प्रधान द्वारा सरकारी भूमि पर गोशाला का निर्माण कराया जा रहा था। गोशाला के लिए चिह्ति भूमि पर एक पीपल का पेड़ खड़ा था। उसी पेड़ के नीचे गांव का ही निवासी युवक ने जमीन कब्जा करने की नीयत से वहां पर मूर्ती रख ली। मूर्ति रखने के बाद गोशाला निर्माण के लिए खड़े किए गए पिलर को गिरा दिए। इसके साथ ही मूर्ति रखकर वहां मंदिर निर्माण शुरु कर दिया। गौशाला के लिए चिह्ंित भूमि पर अवैध निर्माण की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार अनिल कुमार सरोज ने निर्माण कार्य को रुकवा दिया। वहां पर मौजूद महिलाएं निर्माण को लेकर उपद्रव करने लगी। उपद्रव देख तहसीलदार ने पुलिस बल की मांग की। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने ग्रामीणों का सहयोग करते हुए तहसीलदार से अभद्रता कर डाली। तहसीलदार अनिल कुमार सरोज ने बताया कि अवैध निर्माण की सूचना पर पहुंचे थे। उन्होंने मौके पर देखा कि अवैध निर्माण करने वालो ने गौशाला के लिए खड़े किए गए पिलर को गिरा दिया था। जब उन्होंने पुलिस बल की मांग की तो मौके पर एक दरोगा और एक सिपाही पहुंच कर दूर खड़े हो गए। जब उन्होंने उनके आने का मकसद पूछा तो उनसे दरोगा व सिपाही अभद्रता करने लगे। तहसीलदार ने पुलिस द्वारा की गई अभद्रता की शिकायत सीओ, एसडीएम से करते हुए घटनाक्रम से अवगत कराया। वहीं इस मामले में एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि जानकारी हुई है कि दोनों लोगों के बीच में कहासुनी हुई है। जिसकी सीओ तिर्वा को जांच सौंपी है।