छिबरामऊ/सौरिख (कन्नौज)। साल्वर गैंग का मास्टर माइंड सोनू गुरु परास्नातक करने के बाद कोचिंग के व्यवसाय में आ गया। सौरिख में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग शुरू कर दी। कुछ ही समय में सोनू गुरु का नाम पूरे क्षेत्र में जाना जाने गया। दूर-दूर से बच्चे आने लगे तो सोनू गुरु ने छिबरामऊ में भी कोचिंग शुरू कर दी। वर्तमान में 350 छात्र सोनू की कोचिंग में बैंक, टीईटी, रेलवे, पुलिस आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। सोनू ने अभी कुछ समय पहले ही पीसीएस की प्री परीक्षा पास की थी और अब मुख्य परीक्षा की तैयारी में जुटा था।
सॉल्वरों के बारे में जानकारी जुटा रही पुलिस: सौरिख थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि जिन 11 सॉल्वरों को मास्टर माइंड सोनू गुरु ने बतौर सॉल्वर परीक्षा में बैठाने के लिए तैयार किया था उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सोनू से कड़ाई से पूछताछ भी की गई लेकिन उसने अभी तक ज्यादा कुछ नहीं बताया। परीक्षार्थियों के नाम और पते मिले हैं, लेकिन उन्हें जांच के कारण गोपनीय रखा गया है। सोनू के सॉल्वर गैंग में कितने लोग जुड़े हैं इसकी भी जानकारी की जा रही है।
40 से 90 हजार रुपये में होता था सौदा: पूछताछ में पुलिस के सामने आया कि कोचिंग व्यवसाय से जुड़े सोनू गुरु ऐसे लोगों से आसानी से कनेक्ट हो जाता था जो साल्वर की मदद से परीक्षा पास करना चाहता थे। सोनू उनकी आर्थिक स्थिति देखकर 40 से 90 हजार रुपये में टीईटी पास कराने का ठेका ले लेता था। इसने अभी तक कितनी प्रायोगिक परीक्षाओं में साल्वर बैठाए हैं इसके बारे में जानकारी की जा रही है।
सोनू के मोबाइल ने खोले राज: सोनू गुरु के मोबाइल ने ही सारे राज खोल दिए। सौरिख एसओ राजकुमार सिंह ने बताया कि पकड़े जाने के बाद सोनू को जब थाने लाया गया और उससे सॉल्वरों के बारे में जानकारी की गई तो वह इससे इंकार करने लगा। इसके बाद जब उसका मोबाइल चेक किया गया तो व्हाट्सएप पर उसकी कई लोगों से बातचीत पाई गई। इसमें रुपये के लेनदेन से लेकर मिलने के स्थान तक का जिक्र था। सोनू ने अभी तक तीन लाख रुपये 11 परीक्षार्थियों से ले लिए थे और बाकी पैसा बाद में लेना था।
प्रवेश पत्र और आधार कार्ड में फोटो बदलकर देते थे परीक्षा: सोनू और उसका साथी राहुल परीक्षार्थियों से प्रवेश पत्र और उनका आधार कार्ड ले लेते थे। इसके बाद प्रवेश पत्र और आधार कार्ड पर सॉल्वर की फोटो स्कैनर के जरिये चस्पा कर देते थे। नाम और पता सब परीक्षार्थी का ही होता था। सॉल्वर का चयन करने से पहले इस बात का भी ध्यान रखा जाता था कि परीक्षार्थी से उसकी उम्र लगभग सामान रहे। ताकि किसी को कोई शक न हो।
सोनू गुरु का यू-ट्यूब पर चलता है चैनल: सोनू गुरु यू ट्यूब पर अपना चैनल भी चला रहा है। चैनल की मदद से वह लोग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को सफलता के गुरु मंत्र देता है। सोनू गुरु का साथी राहुल यादव भी शिक्षक है और बतौर गेस्ट टीचर दिल्ली तक की कोचिंग में पढ़ाने जाता था।
एक भाजपा नेता के भाई और बहू से भी लिए थे रुपये: थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि सोनू गुरु ने एक भाजपा नेता के भाई और बहू को टीईटी में पास कराने के लिए रुपये लिया था। इन दोनों के स्थान पर भी सॉल्वर को ही परीक्षा देनी थी। लेकिन समय पर गिरोह हाथ लग जाने से बड़ी धोखाधड़ी होने से रह गई।