कन्नौज। शादी का निमंत्रण न मिलने से सिपाही दुल्हन के भतीजे की हत्या करने वाले पड़ोसी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने 60 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। इसमें से आधी धनराशि मृतक के पिता को देने का आदेश दिया है।
ठठिया थाना क्षेत्र के गांव दौलतपुर निवासी बलराम सिंह यादव की सिपाही बहन स्नेहलता यादव की 29 अप्रैल 2018 को शादी थी। गलत आदतों के चलते बलवीर और उसके भाई ने पड़ोसी नजरुल अली को शादी का निमंत्रण नहीं दिया था। इससे नाराज नजरूल अली ने जयमाल के दौरान बलवीर के बेटे गगन (11) को अगवा कर लिया था। वैवाहिक समारोह से थोड़ी देर पहले अजमेर के खंडहर मकान में ले जाकर नजरुल ने गला दबाकर गगन की हत्या कर दी थी।
गुरुवार को अपर जिला सत्र न्यायधीश विश्वम्भर प्रसाद ने मामले की सुनवाई की। साक्ष्यों के आधार पर नजरुल अली को उम्रकैद सुनाई। कोर्ट ने उस पर 60 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार ने बताया कि अर्थदंड में से 30 हजार रुपये गगन के पिता बलवीर को देने का कोर्ट ने आदेश दिया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
नजरुल ने खुद कबूल किया था गुनाह
खुशी के मौके पर गगन की हत्या करने वाले नजरुल अली ने तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश कुमार के सामने गुनाह कबूल किया था। दरअसल, बलवीर से नजरुल अली की अच्छी दोस्ती थी। इससे घर पर आना-जाना होता था। नजरुल शराब पीने लगा था और गलत संगत में पड़ गया था। इससे बलवीर ने उससे दोस्ती खत्म कर दूरियां बना ली थी। यहीं कारण था कि बलवीर ने बहन की शादी में उसे नहीं बुलाया था। इससे उसने हत्याकांड को अंजाम दे दिया था।