कन्नौज। कोरोना की दूसरी लहर में होम आइसोलेशन वालों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नियमों में संशोधन कर दिया है। अब संक्रमित को दस दिन का निगरानी चार्ट भरना जरूरी होगा। पिछले साल दो जुलाई को कोविड-19 के माइल्ड एवं बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए होम आइसोलेशन की सलाह दी गई थी। कोरोना की दूसरी लहर के मद्देनजर इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं।
नए नियम में घर पर उपचार करने वाले रोगियों के शरीर के तापमान एवं ऑक्सीजन लेवल की जानकारी रखना बेहद जरूरी माना गया है। इसके लिए घर में पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मल स्कैनर रखने की सलाह दी गई है। कहा गया कि ऑक्सीजन का स्तर 95 से कम होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। तापमान 100 डिग्री फारेनहाइट या इससे ज्यादा होने पर बुखार माना जाता है। वहीं किसी दूसरे व्यक्ति को थर्मल गन देने से पहले इसे सैनिटाइज करने के लिए भी कहा गया।
नई गाइडलाइन में सभी कोविड मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह नहीं दी गई है। होम आइसोलेशन के लिए इलाज कर रहे चिकित्सक की जांच के आधार पर हल्के व बिना लक्षण के अनुसार घर में रहने की सलाह दी जाएगी। ऐसे मामलों में मरीज के घर पर सेल्फ आइसोलेशन और परिवार के लोगों को क्वारंटीन करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप ने बताया कि होम आइसोलेशन में अब कुछ नियमों का पालन करना होगा।
गाइडलाइन में होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीजों को 10 दिन तक निगरानी चार्ट भरने की सलाह दी गई है। निगरानी चार्ट में प्रत्येक दिन के शरीर के तापमान एवं ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन के स्तर को भरना होगा। निगरानी चार्ट में ही प्रत्येक दिन की स्थिति भी भरी जाएगी।
इन हालातों में डॉक्टर की सलाह जरूरी
- सांस लेने में तकलीफ होने पर।
- ऑक्सीजन का स्तर 94 से कम होने पर।
- छाती में लगातार दर्द का बने रहना या अचानक बढ़ जाना।
- मानसिक रूप से अधिक परेशान होने पर।