कांग्रेसियों ने गुरुवार को जीटी रोड सरायमीरा पर जाम लगाकर विरोध-प्रर्दशन किया। इस दौरान केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जीटी रोड से हटाने को पुलिस को तीखी नोंकझोंक करनी पड़ी। बाद में राष्ट्रपति व राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर जिलाध्यक्ष विजय मिश्रा की अगुवाई में रेल रोको, सड़क जाम करो आंदोलन चलाया गया। सुबह 11 बजे कांग्रेसियों ने पुरानी कचहरी के निकट बैठक कर भूमि अधिग्रहण बिल में केंद्र सरकार द्वारा संशोधन किए जाने पर नाराजगी जताते हुए इसे किसान विरोधी बताया।
इसके बाद कांग्रेसियों का हुजूम रेलवे स्टेशन कन्नौज पहुंचा। यहां काफी देर तक नारेबाजी की। दोपहर 12.57 पर कानपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन के आगे विरोध-प्रदर्शन किया। ट्रेन के जाने के बाद नारेबाजी करते हुए कांग्रेसी जीटी रोड सरायमीरा आ गए। यहां तहसील गेट के सामने जीटी रोड पर जाम लगा दिया।
इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन कर किसानों की भूमि मनमाने ढंग से लेकर उद्योगपतियों, कारपोरेट जगत की झोली में डालना चाहती है। कालाधन वापसी का वादा भी पूरा नहीं हुआ है। प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम साबित हो रही है।
महिलाओं का उत्पीड़न व सरकारी ठेकों में सत्तापक्ष के लोग बड़े पैमाने पर धांधली कर सरकारी धन का गबन कर रहे हैं। जीटी रोड पर जाम लगाए कांग्रेसियों की मौके पर पहुंचे सदर कोतवाली प्रभारी भुल्लन यादव से तीखी-नोंकझोंक हुई। इसके बाद नारेबाजी करते हुए कांग्रेसी तिर्वा क्रासिंग लोहिया चौराहे पर पहुंचे।
यहां भूमि अधिग्रहण बिल के विरोध में राष्ट्रपति व प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार व ध्वस्त कानून व्यवस्था के संबंध में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर संदीप कुमार को सौंपा। इस मौके पर विवेक नरायन मिश्रा, इमरान खां, संजय पौल, ऊषा दुबे, महेश पांडेय, फैसल खां, विश्वनाथ गिहार, मुशीर खान, रामभरोसे कमल, देवकी नंदन दुबे, बजाहत हुसैन, बनवारीलाल गुप्ता, डा. हाशिम सिद्दीकी सहित कई कांग्रेसी मौजूद रहे।
आंदोलन में गुटबाजी की खुली पोल
कांग्रेस के रेल रोको, चक्का जाम आंदोलन से कई पदाधिकारी नदारद रहे। इसके चलते गुटबाजी के कयास लगने शुरू हो गए। सूत्रों की मानें तो करीब एक पखवारे से चल रही तैयारियों के बाद भी महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के नदारद रहने का कारण गुटबाजी है।
आंदोलन के दौरान नगर अध्यक्ष अनुज मिश्रा कक्का, महिला जिलाध्यक्ष विजय लक्ष्मी दुबे, महिला नगर अध्यक्ष किरन वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष अकरम जमील, पूर्व जिलाध्यक्ष अजय पांडेय, पूर्व सदर ब्लाक अध्यक्ष मुश्ताक अली सहित काफी पदाधिकारी नहीं नजर आए। पार्टी के अंदर गुटबाजी, अंतर्कलह व खेमेबंदी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। उधर जिलाध्यक्ष विजय मिश्रा का कहना है कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। सभी को आमंत्रित किया गया था। निजी व आकस्मिक कारणों से कई पदाधिकारी नहीं आ सके।