कन्नौज। जिले में पंचायत सहायक भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए शुक्रवार को प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज हो गई है। डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने एक तीन सदस्यीय समिति बनाई है। यह समिति ग्राम पंचायतों से मिले आवेदनों की गहन जांच करेगी।
समिति में जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार वर्मा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जितेंद्र कुमार और जिला समाज कल्याण अधिकारी वेद प्रकाश मिश्र सदस्य हैं। यह समिति ग्राम पंचायतों से मिले सभी आवेदनों के दस्तावेजों की जांच करेगी। साथ ही पात्रता और मेरिट सूची की बारीकी से जांच की जाएगी। जांच पूरी होने पर अंतिम पात्रता सूची डीएम और सीडीओ को प्रस्तुत होगी। उनकी उच्च स्तरीय समीक्षा और हरी झंडी के बाद ही चयन प्रक्रिया पूरी होगी। प्रशासन का उद्देश्य भर्ती को पूरी तरह योग्यता और सरकारी आदेशों के अनुसार कराना है। जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रकाश ने बताया कि आवेदनों की जांच समिति द्वारा की जा रही है। डिजिटल भारत के तहत ग्राम सचिवालयों की स्थापना हुई थी। पंचायत सहायक न होने से ग्रामीण परेशान हैं और योजनाओं के लाभ के लिए ब्लॉकों के चक्कर काट रहे हैं।
इस भर्ती के लिए पूर्व में जारी आदेशों का पालन समय पर नहीं हो सका। 21 मार्च को जारी दिशा-निर्देशों में 22 अप्रैल तक नियुक्ति पत्र बांटने के निर्देश थे। विभाग तय समय सीमा में नियुक्तियां करने में असफल रहा। अब समिति के गठन से रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया के जल्द आगे बढ़ने की उम्मीद है।
शिकायतों पर संज्ञान
पंचायत सहायक भर्ती प्रक्रिया में कई शिकायतें मिल रही थीं। एक अभ्यर्थी ने संपूर्ण समाधान दिवस में आरोप लगाकर शिकायत की थी। इसके बाद डीएम ने समिति द्वारा जांच कराने के निर्देश दिए। तालग्राम ब्लॉक के एक गांव में चयन सूची में हेराफेरी का आरोप है। पीड़िता ने 10 अप्रैल को हुई खुली बैठक में सचिव पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया था।