त्योहार पर लोगों को लुभाने को दुकानदार मिठाइयों को
रंग-बिरंगा और चमकीला बनाने को कई प्रकार के रंगों का प्रयोग कर रहे, पर यह
कलरफुल मिठाइयां स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। चिकित्सकों की सलाह
है कि कलरफुल मिठाइयों के सेवन से बचें।
इनको खाने से आप कई तरह की
बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं जो जानलेवा भी साबित हो सकती हैं। दीपावली
पर मिठाई का भी अपना अलग महत्व है। गणेश-लक्ष्मी की पूजा के समय उनका भोग
लगाने के साथ मेहमानों का मुंह मीठा कराया जाता है। लोग दीपावली पर तोहफे
में मिठाई देते है।
दीवाली में मिठाई की मांग ज्यादा होने से दुकानदार 10
दिन पहले से ही मिठाई बनाकर उसके भंडारण में जुटे हुए हैं। ऐसे में
गुणवत्ता और मानक का भी ध्यान नहीं रहता है। ग्राहकों को आकर्षित करने को
मिठाइयों में कई प्रकार के हानिकारक रंग और चमकीले वर्क भी लगाए जाते है।
ऐसे में इन मिठाइयों के खाने से स्वास्थ्य को नुकसान होने की संभावनाएं
रहती हैं। इस बारे में सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉक्टर राहुल मिश्रा बताते
हैं कि त्योहार पर लोग कलरफुल मिठाइयों के सेवन से बचें। इनके खाने से
उल्टी, दस्त, पेट में दर्द आदि जानलेवा बीमारियों की चपेट में भी आ सकते
हैं।
कहा कि यदि ऐसे लक्षण दिखाई दे तो तत्काल डाक्टर से परामर्श लें।
ज्ञात हो कि त्योहार पर कमाई के लिए सबसे ज्यादा मिठाइयों की दुकानों पर
दीपावली की तैयारियां जोरशोर से चल रहीं हैं। कई दुकानदारों के यहां गैस
सिलेंडर के साथ ही कोयले की भट्टियों पर भी मिठाइयां तैयार की जा रही है।
मुख्य मार्ग पर तालग्राम तिराहा, सौरिख तिराहा, रोडवेज बस स्टैंड, सौरिख बस
स्टाप के पास, हीरालाल चौराहा के पास, पीपल चौराहा, विशुनगढ़ तिराहेके
अलावा सबसे ज्यादा बजरिया, अस्पताल रोड, जेरकिला, बिरतिया सहित नगर में
लगभग दो दर्जन से भी ज्यादा मिठाई की दुकानें हैं।
यहां मिठाई बनाने की
रफ्तार बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा मिठाई का
स्टाक किया जा रहा है। दूध की कमी को देखते हुए अब मिठाई दुकानों के साथ
ही देहात इलाकों में भी पाउडर का खोया बना उसकी मिठाइयां तैयार की जा रही
है। ज्ञात हो कि दीपावली के तीसरे दिन भाइया दूज का त्योहार मनाया जाता है।
लोगों का कहना है कि त्योहार से काफी दिन पहले ही मिठाइयां तैयार कर उनका
स्टाक लगा लिया जाता है। यदि स्टाक बचा तो उन्हीं मिठाइयों से ही भाइयादूज
का त्योहार भी निपटाया जाएगा।