शासन की ओर से अतिरिक्त भंडारण के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य दोगुना कर दिया गया है। समितियों पर अभी तक 250 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। कर्जमाफी के चलते इस बार अधिकतर किसान खरीद केंद्रों पर गेहूं लाने की बजाय मंडी में बेचना मुनासिब समझ रहे हैं।
किसान सेवा सहकारी समिति पूर्वी पर पहले 1200 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर अब यह लक्ष्य 2400 मीट्रिक टन कर दिया गया है। लक्ष्य का सापेक्ष इस समिति पर अभी तक 175 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है, जो छह किसानों ने बेचा है। समिति के प्रबंध निदेशक ब्रजेश कुमार यादव ने बताया कि क्षेत्र के किसानों को सूचना दे दी गई है।
वहीं, समिति के अध्यक्ष महावीर सिंह यादव का कहना है कि पहले बकायेदार किसान ही खरीद केंद्र पर गेहूं लाते थे। इसके दो फायदे होते थे कि समिति पर किसान का कर्जा अदा हो जाता था और मंडी के भी चक्कर नहीं लगाने पड़ते थे। इस बार शासन ने कर्जमाफी कर दी। इस वजह से बकायेदार किसान खरीद केंद्र पर गेहूं नहीं ला रहे हैं, फिर भी लक्ष्य पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
इसी तरह सहकारी समिति प्रेमपुर व सिकंदरपुर में 1600 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एडीओ (सहकारिता) मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि अभी किसान गेहूं की कटाई में व्यस्त है। संचालकों के माध्यम से सदस्य किसानों के पास खरीद केंद्र की सूचना भेजी जा रही है। शासन की मंशा के अनुरूप तय लक्ष्य के मुताबिक गेहूं की खरीद मानक के अनुसार की जाएगी। सभी सचिवों को लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।