छात्र जीवन में पीएसएम कालेज में होने वाले छात्रसंघ
चुनाव के दौरान सियासत की ए-बी-सी-डी सीखने वाले युवा दलगत राजनीति में
अपना दबदबा बढ़ाते जा रहे हैं। ब्लाक प्रमुख के चुनाव में भी छात्र नेताओं
ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सपोर्ट से अपनी ताकत में हो रहे इजाफे का
अहसास करा दिया है।
जिले की आठ में से दो सीटों पर मुख्यमंत्री ने पूर्व
छात्रसंघ अध्यक्षों को टिकट देकर लड़ाया। उमर्दा में असंतोष हुआ तो खुद दखल
देकर रूठों को मनाया। नतीजतन दोनों ही छात्रसंघ अध्यक्ष ब्लाक प्रमुख बन
गए। ज्ञात हो कि पहले कन्नौज के सांसद और फिर यूपी के सीएम बने अखिलेश
यादव जिले की छात्र राजनीति में निरंतर अपनी दखलंदाजी रखते हैं।
स्थानीय
छात्र नेताओं के संरक्षक के तौर उनकी भूमिका किसी से छिपी नहीं है। पीएसएम
कालेज में होने वाले छात्रसंघ चुनाव से ही अखिलेश यादव ने जिले के ज्यादातर
युवाओं को सपा से जोड़ा है। छात्रसंघ चुनाव में एक ओर जहां अखिलेश यादव
अपना सपोर्ट देते हैं, वहीं दूसरी तरफ संसदीय चुनाव छात्र ब्रिगेड उनके
प्रचार में अपनी पूरी ऊर्जा लगाती है।
छात्र संघ पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण
समारोह में कई बार अखिलेश बतौर मुख्य अतिथि बनकर शपथ ग्रहण का चुके हैं।
सांसद डिंपल यादव भी छात्रसंघ शपथ ग्रहण समारोह में आकर छात्र नेताओं की
हौसलाफजाई कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से निकटता ने छात्र
नेताओं को और भी शक्तिशाली बनाने का काम किया है।
एक दशक पहले सन 2005 में
छात्रसंघ अध्यक्ष नवाब सिंह यादव सदर ब्लाक निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुनकर
सियासी कुर्सी हासिल की थी। वहीं इसी साल छात्र नेता सुब्रत पाठक ने बीजेपी
जिलाध्यक्ष बनने के बाद 2010 व 2015 में भाजपा की टिकट पर कन्नौज लोस का
चुनाव लड़ा था।
वर्ष 2010 में हुए चुनाव में छात्रनेता नेम सिंह यादव चुनाव
जीतकर जिला पंचायत सदस्य बने। छात्र नेताओं के राजनीति में चमकने का यह
सिलसिला अबकी भी जारी रहा। बीते माह पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संजू कटियार की
पत्नी शिल्पी कटियार एकतरफा चुनाव जीतकर जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित
हुई हैं।
वहीं अब पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष इंद्रेश यादव उमर्दा के निर्विरोध
ब्लाक प्रमुख और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष वीरपाल यादव उर्फ नीलू यादव सदर
विकास खंड के ब्लाक प्रमुख चुने गए हैं। इस तरह से वर्ष 2016 छात्र
नेताओं के लिए शुभ साबित हुआ है। ज्ञात हो कि पीएसएम कालेज बीते दो सालों
से प्रदेश का इकलौता कालेज रहा है, जहां छात्रसंघ चुनाव लगातार हुए हैं।
सपा, भाजपा के साथ ही बसपा में भी पीएसएम कालेज में स्टूडेंट पालिटिक्स
करने वाले कई छात्र संगठनात्मक ओहदों पर विराजमान रहे हैं।