तिर्वा। इंटरनेट व कॉल की सुविधाएं देने वाला बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) पूरी तरह बिजली विभाग पर निर्भर है। बिजली गुल होने पर सर्वर ठप हो जाता है। इसका खामियाजा ग्राहकों को भुगतना पड़ता है। बैंक शाखाओं में भी काम प्रभावित होता है।
सरकारी व अर्द्ध सरकारी संस्थानों में कई जगह बीएसएनएल की सेवा है। वहीं बीएसएनएल कार्यालय पूरी तरह बिजली विभाग पर निर्भर है। लंबे समय के लिए बिजली गुल हो जाने से सर्वर काम करना बंद कर देता है। इससे बैंक शाखाओं में काम प्रभावित होने लगता है।
बीएसएनएल कार्यालय में तैनात रमाकांत पांडेय ने बताया कि बीएसएनएल कार्यालय चलाने के लिए जेनरेटर का खर्च नहीं मिल रहा है। सर्वर चलाने के लिए बैटरे लगे हैं। इनकी क्षमता दो से तीन घंटे है। बिजली आपूर्ति मिलने पर ही सर्वर चल पाता है।