कन्नौज। शहर में शुक्रवार को भीषण गर्मी का प्रकोप रहा। सुबह नौ बजे तक सामान्य दिखने वाला शहर दोपहर में तपते तंदूर में बदल गया। 43 डिग्री तापमान और लू के थपेड़ों ने लोगों को घरों में कैद कर दिया।
बाजारों की रौनक दोपहर 12 बजे के बाद गायब हो गई। सड़कों पर गर्म हवा और उड़ती धूल ही नजर आई। दिन के साथ रात को भी उमस से लोग परेशान रहे। ट्रैफिक पुलिस और सुरक्षा कर्मी बार-बार पानी पीते दिखे। रिक्शा चालक पेड़ों की छांव में सुस्ताते नजर आए। राहगीर गमछा और पानी की बोतल लिए राहत तलाशते रहे। कई जगह लोग दुकानों के बाहर लगे कूलर के पास रुके। गर्मी का असर बाजारों पर भी साफ दिखाई दिया। तपती दोपहर में ठंडे पेय की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ रही। जूस और शिकंजी की बिक्री में तेजी आई। बर्फ, तरबूज और नींबू की मांग अचानक बढ़ गई। बढ़ती मांग के चलते नींबू 100 से 120 रुपये किलो तक बिक रहा है। दुकानदार बबलू के अनुसार पिछले कुछ दिनों में बिक्री तेजी से बढ़ी है।
शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकले और जरूरी काम निपटाए। बच्चों ने पानी के आसपास खेलकर राहत खोजी, जबकि बुजुर्ग देर शाम तक खुले में बैठे। बस स्टैंड पर प्रशासन ने कूलर, मटके के पानी और गुड़ का इंतजाम किया। हालांकि, दिन में कूलर और पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे थे। लो-वोल्टेज से लोगों की परेशानी और बढ़ गई।