छिबरामऊ। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की घोषणा हो चुकी है। इसके भूमि अधिग्रहण में मंगलवार को सर्किल रेट का पेंच फंस गया है। इटावा, मैनपुरी, कन्नौज और फर्रुखाबाद में सर्किल रेट में बड़ा अंतर है।
एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी दोपहर में सकरावा क्षेत्र के डडौनी गांव पहुंचे। उन्होंने एक्सप्रेसवे की जद में आने वाली जमीन का निरीक्षण किया। 40 किसानों की भूमि अधिगृहीत की जानी है। किसानों ने अलग-अलग सर्किल रेट पर चिंता व्यक्त की। इटावा में 18 लाख, मैनपुरी में 35 लाख और कन्नौज में 11 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिल रहा है। एसडीएम ने किसानों को आश्वस्त किया कि सर्किल रेट बढ़वाने के लिए उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। यह एक्सप्रेसवे छह जिलो के 76 गांवों से होकर गुजरेगा। इसकी कुल लंबाई 91 किलोमीटर होगी और लागत 7600 करोड़ रुपये आएगी। डडौनी गांव की 25.500 हेक्टेयर भूमि अधिगृहीत होगी।
एक्सप्रेसवे का महत्व
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे चार प्रमुख एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा। यह गंगा एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। साथ ही यह नेशनल हाईवे (कानपुर-अलीगढ़ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे) को भी जोड़ेगा। यह इटावा के कुदरैल गांव से शुरू होकर हरदोई के कौसियापुर गांव तक जाएगा। यह सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है।