कन्नौज। देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का प्रधानमंत्री ने संकल्प लिया हैं। टीबी के लक्षण युक्त रोगियों को चिन्हित करने में सीएचओ महती भूमिका निभाएं। यह बात डीएम शुभ्रांत शुक्ल ने कलक्ट्रेट के गांधी सभागार में सीएचओ के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में कही।
डीएम ने कहा कि अधिक से अधिक टीबी रोगियों को चिन्हित कर दवाई मुहैया कराई जाए, ताकि जिले को टीबी मुक्त की श्रेणी में लाया जा सकें। स्त्री रोग विशेषज्ञों की सूची महिला सीएचओ को शेयर की जाए। महिला सीएचओ स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर महिलाओं के स्वास्थ्य की समस्याओं का समाधान कराएंगी।
डीएम ने ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएचओ धीरेंद्र कुमार, ज्ञानेंद्र सिंह, प्रियंका, मिथलेश को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सभी सीएचओ कार्य को अपने स्वभाव में लाएं। आप कार्य करोगे तो आपका कार्य दिखेगा। सीएचओ अपने रोल को समझें और पूरी संवेदनशीलता के साथ नागरिकों की सेवा करें। आम नागरिक चिकित्सीय सेवाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए।
घर-घर चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। कहा कि खराब प्रदर्शन करने वाले सीएचओ को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया जाए। सुधार न होने पर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाए। बैठक में सीएमओ डॉ. विनोद कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचओ आदि उपस्थित रहे।
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टेलीकंसल्टेशन का प्रतिशत बढ़ाया जाए
डीएम ने कहा कि वर्तमान में टेलीकंसल्टेशन का प्रतिशत 6.1 है, जिसे बढ़ाकर नौ से 10 तक पहुंचाया जाए। सभी सीएचओ की शत प्रतिशत उपस्थिति होना अनिवार्य है। जो सीएचओ डेली रिपोर्टिंग नहीं करेंगे, उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ओपीडी की डेली रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए। सीएचओ अपने कार्य की फीडिंग पोर्टल पर अनिवार्य रूप से करें।
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सीएचओ ई-संजीवनी पोर्टल पर रहें एक्टिव
डीएम ने निर्देश दिए कि जिन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर बिजली की सप्लाई बाधित है, वहां पर जल्द से जल्द सुचारू कराई जाए। सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं सीएचओ को ई-संजीवनी पोर्टल पर एक्टिव रहने के निर्देश दिए। कहा कि सीएचओ अपने-अपने हेल्थ सेंटर को और अधिक सुदृढ़ करें तथा मरीजों के साथ मधुर व्यवहार रखें। उन्होनें सीएचओ को यह भी निर्देश दिए कि दवाओं को समय से क्रय कर मरीजों को समुचित इलाज मुहैया कराएं।