सोशल मीडिया पर चीन में बने उत्पादों के बहिष्कार के लिए भले ही मुहिम छिड़ी हो, लेकिन इसका बहिष्कार बाजार में कर पाना इतना आसान नहीं है। जितना देशवासियाें को लगता है। त्योहार का सीजन करीब आते ही शहर की कई दुकानाें में चीन के उत्पाद के सामान सजे हुए है। कुछ दुकानदारों की माने तो दीपावली का लाभ लेने के लिए इलेक्ट्रानिक उत्पादों से शहर के बाजार 70 फीसदी चीन के उत्पादों से भरे हैं।
शहर में एक दुकान पर चीन की कंपनी का बल्ब खरीद रहे सूरज कुमार बताते है कि दरअसल सस्ते और लुभावने होने की वजह से इलेक्ट्रानिक बाजार में चीन के उत्पाद सबसे ज्यादा बिकते है। ग्राहक राकेश वर्मा बताते है सस्ते होने के चलते दीपावली में इन उत्पादों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। दुकानदाराें की माने तो दीपावली नजदीक देख शहर के कई दुकानदार कानपुर से इलेक्ट्रानिक माल ढोने में लगे हुए है, कई व्यापारियाें के माल ट्रांसपोर्ट पर पड़े है। सरायमीरा के संजय गुप्ता व गोलकुआं के विनय अवस्थी ने बताया कि उन्होेंने तो चीन के माल आर्डर फरवरी माह में ही दे दिया था। कई दुकानदारों ने तो अगले माह माल का भुगतान भी कर दिया है और कई दुकानदार ऐसे है जिनके माल की आवक लगी हुई है।
कन्नौज। शहर के फुटकर दुकानदारों ने अमर उजाला संवाददाता की अपने थोक व्यापारियों से इस सिलसिले में बात भी कराई। उत्पादों की बिक्री पर फ र्क पड़ने जैसे सवाल पर थोक व्यापारी गगन अरोरा का कहना है कि अब यदि इस समय माल का आयात रुकता भी है, तो उत्पादों की बिक्री पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
कंपनी देशी, लेकिन माल चाइनीज
कन्नौज। कई देशी कंपनियां चीन से माल लेती है। थोेक व्यापारियों ने बताया कि एक नामचीन पंखे के पुर्जे चीन में बनते है। यहां तो बस उन्हें असेंबल किया जाता है। इसी तरह कई सीएफएल-बल्ब बनाने वाली कंपनियां चीन से माल का आयात करती है। ऐसे में प्रोडक्ट पर मेड इन चाइना न लिखकर मेड इन पीआरसी (पीपल्स रिपब्लिक आफ चाइना) लिखा होता है।
इसलिए हुई बहिष्कार की मांग
कन्नौज। पाकिस्तान के आतंकी ठिकानो पर भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद चीन का रुख पाकिस्तान की तरफ होने की वजह सेे चीन के उत्पादों के बहिष्कार की मांग सोशल मीडिया पर चल रही है। चीन ने आतंकी मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने पर भी आपत्ति जताई है।
उत्पादों का बहिष्कार उचित
चीनी उत्पादों का बहिष्कार उचित है और होना भी चाहिए, लेकिन यह इतना आसान भी नहीं है। दीपावली को देखते हुए कई दुकानदाराें के यहां माल की आवक हो चुकी है। कई ने भुगतान कर दिया है और कई की आवक आ रही है। इस वर्ष नहीं, लेकिन अगले वर्ष बाजार का रुख देखते हुए असर पड़ेगा। -रतन गुप्ता, वरिष्ठ सदस्य, व्यापार मंडल कन्नौज