ग्राम दिलूनगला में बने सौ शैया अस्पताल में
अव्यवस्था और ओटी में आधी-अधूरी व्यवस्थाओं के चलते डाक्टरों ने आपरेशन
करने से इनकार कर दिया था। ऐसी स्थिति में चिह्नित कर पंजीकरण किए गए 35
नेत्र रोगियों का दूसरे दिन नगर की सीएचसी में आपरेशन किए गए।
सीएचसी
में हर बुधवार को नेत्र शिविर का आयोजन किया जाता है। तीन जनवरी को ग्राम
दिलू नगला में बनवाए गए सौ शैया हास्पिटल में शिविर लगाकर आपरेशन किए जाने
थे। यहां नगर समेत सौरिख क्षेत्र के भी लगभग 35 नेत्र रोगियों को चिह्नित
कर उनका पंजीकरण किया गया था।
दोपहर बाद जिला अस्पताल से आए नेत्र सर्जन
डॉ. अहिरवाल के नेतृत्व में टीम ने ओटी में माइक्रोस्कोप, बिजली आदि कई
आधी-अधूरी व्यवस्थाओं को देख नेत्र रोगियों के आपरेशन करने से इंकार कर
दिया था। ऐसे में दूरदराज से आए मरीजों को अगले दिन आने की बात कहकर वहां
से वापस लौटा दिया था।
दूसरे दिन गुरुवार को सुबह होते ही सीएचसी में
आपरेशन को लेकर पहले से ही चिह्नित नेत्र रोगी और तीमारदारों की भीड़ जुटनी
शुरू हो गई। दोपहर बाद नेत्र सर्जन डॉ. अहिरवाल, सीएचसी के नेत्र
चिकित्सक डॉ. राधेश्याम वार्ष्णेय, सौरिख सीएचसी के डॉ. राजीव की टीम ने
तिर्वा क्षेत्र के ग्राम भखेड़ा की कमला देवी, गिरधरपुर की विद्यावती।
कस्सावान की अब्दुल सलाम, असालतनगर की अनवरी बेगम, अहिरूआ राजारामपुर के
मेहताब सिंह, ललकापुर के गिरंद सिंह, सराय बाजार के सद्दीक, सरायसुंदर के
हरीप्रकाश, रुद्रपुर के रामचंद्र, सुभाषनगर की विमला देवी, अतिराजपुर की
कमला गुप्ता, भोजपुर के सवलजीत, बैजूरामपुर की रामबेटी, फर्रुखाबाद के
अजीमलपुर के नत्थू खां, विशुनगढ़ के चंद्रप्रकाश सहित सौरिख व नगर क्षेत्र
के 35 नेत्र रोगियों के देर शाम तक सीएचसी में आपरेशन किए गए।