कन्नौज। गैंगस्टर के मामले में पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव व उसके भाई नीलू यादव को कोर्ट में कड़ी सुरक्षा में पेश किया गया। दोनों पर गैंगस्टर के आरोप तय कर दिए गए और अब ट्रायल शुरू होगा। इसके लिए अगली सुनवाई की तारीख एक जुलाई को कर दी गई। नवाब सिंह को बांदा तो नीलू को कौशांबी जेल से कड़ी सुरक्षा में लाया गया। वहीं, तीसरी आरोपी पीड़िता की बुआ भी कोर्ट में पेश हुई, वह जमानत पर बाहर है।
सोमवार को नवाब सिंह यादव को बांदा और नीलू यादव को कौशांबी जेल से कड़ी सुरक्षा में जिला एवं सत्र न्यायालय लाया गया। सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह व गुरसहायगंज कोतवाल आलोक कुमार दुबे ने दोनों को गैंगस्टर कोर्ट में पेेश कराया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने फर्जी गैंगस्टर एक्ट का मामला दर्ज किया है। जानबूझ कर दोनों को फंसाया गया है। वहीं शासकीय अधिवक्ता ने पुलिस की तरफ से कई साक्ष्य प्रस्तुत किए। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि नवाब सिंह यादव, नीलू व बुआ पर आरोप तय किए गए हैं, अब ट्रायल शुरू होगा। अगली पेशी के लिए एक जुलाई की तारीख निश्चित की गई है। करीब डेढ़ घंटे बाद कड़ी सुरक्षा में पुलिस दोनों भाइयों को लेकर जेल के लिए रवाना हो गई।
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पॉक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक को हटाया
अपर जिलाधिकारी आशीष कुमार सिंह ने बताया कि शासन से पॉक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक किशोर कुमार दोहरे को हटा दिया है। इसका आदेश प्राप्त हो गया है। गौरतलब है कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करने वाली डॉ. स्वस्तिका शालिनी ने किशोर दोहरेे समेत नवाब सिंह, नीलू यादव व पीड़िता की बुआ के खिलाफ सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि किशोर दोहरे ने कोर्ट में धमकी दी थी कि नवाब सिंह के जेल से छूटने केे बाद तीन लोगों की हत्या करा दी जाएगी। इसी मामले को संज्ञान में लेकर शासन ने विशेष लोक अभियोजक को हटा दिया है।